The path of both the parties BJP is not easy in the court of the people!

The path of both the parties BJP is not easy in the court of the people!

जनता के दरबार में दोनों दल भाजपा की राह आसान नही!

कोरोंना काल के बाद जनता के दरबार में दोनों दल भाजपा की राह आसान नही।
प्रत्याशी चयन बन सकता है दोनों के लिए परेशानी का सबब।

सरदारपुर/धार। कोरोंना महामारी की त्रासदी जनमानस के लिए जहां अग्निपरीक्षा बनी थी, वहीं कोरोंना काल के बाद पहली मर्तबा दोनों प्रमुख राजनीतिक दल कॉंग्रेस और भाजपा पंचायत चुनाव में जीत की आस लेकर जनता के दरबार में पहुच रहे हे।The path of both the parties BJP is not easy in the court of the people!

जनता किस दल के प्रत्याशी को जनआशीर्वाद प्रदान करेगी यह भविष्य के गर्भ में छुपा है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक दोनों ही दलों के प्रत्याशी को एक तरफ़ा जनसमर्थन मिलता दिखाई नहीं दे रहा है। जहां सत्तारूढ़ भाजपा गरीबों को निःशुल्क राशन वितरण फ्री कोरोंना टीकाकरण जैसी तमाम लोक लुभावनी योजना का हवाला देकर मतदाता का मतआशिर्वाद लेने का प्रयास कर रही हे। वहीं कॉंग्रेस कोरोंना त्रासदी में लचर स्वास्थ्य सुविधा के कारण असमय काल की गाल में समा चुके क्षेत्रवासियों के परिजनों से समर्थन हासिल करने का प्रयास करेगी।

The path of both the parties BJP is not easy in the court of the people!

ज़मीनी स्तिथि विकास के दावो के विपरीत होंकर बड़ती महंगाई बेरोजगारी और बिजली बिलों में बेतहाशा बढ़ोतरी जनमानस के लिए परेशानी का सबब बनीं हुई है।

प्रत्याशी चयन बनेगा बाधा

The path of both the parties BJP is not easy in the court of the people!

पंचायत निर्वाचन के दोरान जिला-जनपद सदस्यों के उम्मीदवारों का चयन चुनाव परिणाम में दोनों दलों के प्रत्याशी के लिए अवरोध बनता दिखाई दे रहा है। विगत वर्षों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के कार्यकाल में शासकीय योजनाओं में हुवे लाखों के भ्रष्टाचार में लिप्त सरपंच प्रतिनिधियों के परिजनों को अधिकृत किया जाना दोनो पार्टी को भारी पड़ सकता है। वहीं सरदारपुर क्षेत्र के बहुचर्चित बाँध मुआवजा कांड में 13 माह जैल की हवा खा चुके कद्दावर नेता के परिजन का चुनावी मैदान में उतारना जनचर्चा का विषय बना हुआ है हाँलाकि युवा प्रत्याशि की कड़ी मेहनत व जनसेवा की भावना युवा सोच जनमानस के हृदय पटल पर अमीट छाप छोड़ रही है किंतु मुआवजा कांड को निर्दलीय और विपक्षी दल के प्रत्याशि चुनावी चौपालों में भुनाते दिखाई दे रहे हैं।

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चुनाव परिणाम तय करेंगे जयस का भविष्य

पंचायत निर्वाचन में जहा जयस द्वारा अधिकांश ग्राम पंचायतों में सरपंच उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा है वहीं जयस तहसील अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह गामड़ की माँ श्रीमति विजयलक्ष्मी गामड़ जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 7 से कॉंग्रेस द्वारा अधिकृत नहीं किए जाने से बागी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रही है। कॉंग्रेस- भाजपा के सीधे मुकाबले के बीच सामाजिक संगठन जयस की पूरी टीम का विजय लक्ष्मी गामड़ के समर्थन में चुनावी मैदान मे उतरना वार्ड 7 के चुनावी दंगल को रोचक बना रहा है।

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जयस समर्थित प्रत्याशि विजय लक्ष्मी गामड़ को उक्त वार्ड मे भाजपा प्रत्याशि मधु गामड़ भाजपा के बागी ताराबाई सिंगार और कॉंग्रेस अधिकृत प्रत्याशि पूर्व जनपद अध्यक्ष रामकन्या वसुनिया व स्थानीय उम्मीदवार सीमा मेडा से कड़ी चुनौती मिल रही है। जीत का उट किस करवट बैठेगा यह कहना बेहद मुश्किल है।

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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