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राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर महंगा होने के साथ असुविधाजनक भी

Traveling on the National Highway is expensive as well as inconvenient

राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर महंगा होने के साथ असुविधाजनक भी

अगर आप इंदौर दाहोद मार्ग पर कर रहे हैं यात्रा तो हो जाएं सावधान।

धार/इंदौर। राष्ट्रीय राजमार्ग इंदौर अहमदाबाद मार्ग पर जूनापानी क्षेत्र में लगा हुआ है भारी जाम।

आपको बता दें कि झाबुआ से धार जिले की सरदारपुर तहसील मुख्यालय तक विगत कई दिनों से लगातार जाम की स्थिति निर्मित हो रही है। इतना ही नहीं इस भारी जाम के बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग कर रहा है टोल की भारी वसूली।

आपको बता दें कि यह वही मार्ग हैं, जहां पर धार जिला कलेक्टर द्वारा निरीक्षण के दौरान बाइक से सवारी की गई थी। इस मार्ग पर जब से नवीन फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण शुरू हुआ है, तभ से ही लगातार जाम की स्थिति निर्मित हो रही है।

उक्त जाम का एक मुख्य कारण यह भी है कि राजमार्ग निर्माण में कई प्रकार की लापरवाहीया बरती जा रही है। काली देवी से जूनापानी के बीच पढ़ने वाले क्षेत्र में एक छोटी सी नदी पड़ती है जिसका पुल पूर्ण रूप से जीर्णशीर्ण अवस्था में पहुंच चुका है। उस पुलिया की दुर्दशा के कारण एक तरफ से ही आवाजाही संभव होती है। जिसको लेकर वाहन चालक कई बार आपस में विवाद करते हुए भी देखे जा सकते हैं।

वाहनों की लगती है करीब 10 किलोमीटर के दायरे में लाइन।

राष्ट्रीय राजमार्ग पर लापरवाहीयों के आलम के कारण 10 किलोमीटर से ज्यादा दूरी के जाम का दृश्य देखने को मिलता है। इस दृश्य में कई यात्री या यूं कहे कि आपातकालीन वाहन भी फंसे रहते हैं।

आखिर पुलिया क्षेत्र में क्यों नहीं बनाया जा रहा परिवर्तित मार्ग।

अक्सर देखा जाता है कि राजमार्ग हो या राष्ट्रीय राजमार्ग हो जब भी मार्ग के दौरान आने वाली पुलियाओं का निर्माण होता है, तब वहां निर्माण एजेंसी या स्थानीय प्रशासन द्वारा अल्प समय के लिए परिवर्तित मार्ग का निर्माण किया जाता है। यह निर्माण कार्य नियमानुसार आवश्यक भी होता है क्योंकि कोई भी निर्माण कंपनी या स्थानीय प्रशासन अधिक समय के लिए यात्री मार्ग को अवरुद्ध नहीं कर सकती। अल्पकालीन परिवर्तित मार्ग से आवागमन सुगम बनाया जा सकता है, पर राष्ट्रीय राजमार्ग जैसी मार्ग निर्माण एजेंसियां इस प्रकार की गंभीर लापरवाहीया क्यों कर रही है, या यूं कहें की धार और झाबुआ जिले के मध्य पढ़ने वाले इस मार्ग पर लापरवाही स्थानीय प्रशासन की है या राष्ट्रीय राजमार्ग एजेंसी की खामियाजा तो आम जनता को ही भुगतना पड़ता है।

Traveling on the National Highway is expensive as well as inconvenient
बहुत ही सकरी पुलिया जिसके कारण लगता है हमेशा जाम।

इंदौर से अहमदाबाद तक निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग में इंदौर से लेकर मध्य प्रदेश की राज्य सीमा झाबुआ से कुछ ही किलोमीटर नयागांव तक राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में कई प्रकार की लापरवाहीयों का अंबार लगा हुआ है।

डेढ़ सौ किलोमीटर के मार्ग पर भारी टोल वसूली।

राष्ट्रीय राजमार्ग एजेंसी ने मार्ग के पूर्ण होने से पूर्व ही राजस्व वसूली के लिए इंदौर से झाबुआ के बीच दो वसूली केंद्र (टोल प्लाजा) संचालित कर दिए। जबकि इसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुजरते समय गुजरात राज्य की सीमा में दाखिल होने के बाद वाणिज्य कर वाहन को छोड़कर निजी छोटे वाहनों पर टोल टैक्स नही वसूला जाता। उनके निगम के लिए एक द्वार अलग ही बनाया गया है। जिसमें छोटे प्राइवेट व्हीकल आसानी से निकल जाते हैं, बगैर टोल टैक्स चुकाए।

पर मध्य प्रदेश का आलम कुछ अलग ही है। यहां पर सिर्फ घाटाबिल्लोद एवं जूनापानी स्थित टोल वसूली केंद्र पर नाही स्थानीय निवासियों को छूट प्रदान की जाती है और ना ही किसी स्थानीय अधिकारी या कर्मचारीयों को, इसके बावजूद इंदौर से झाबुआ तक की तकरीबन 150 किलोमीटर की दूरी पर एक तरफ का टोल टैक्स वाणिज्य कर ₹300 से अधिक वसूला जाता है। यह कर सिर्फ छोटे प्राइवेट व्हीकल पर वसूला जाता है। इसके विपरीत अगर वाणिज्य कर वाहन पर देखा जाए तो हजारों रुपए में वसूली की जा रही है। बावजूद इसके मार्ग के ठिकाने नहीं है।

अब देखना होगा कि कई मीडिया संस्थानों के द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग की लापरवाहीयों को उजागर करने के बाद मध्य प्रदेश शासन क्या रुख अपनाती है।

मध्यप्रदेश विशेष संवाददाता- अक्षय कुमार परमार।

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सम्पादक :- मध्यभारत live न्यूज़

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