04/02/2026

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दोनों पक्षों की संतुष्टि के आधार पर निर्विघ्न होगी पूजा और नमाज, जिला प्रशासन अलर्ट मोड़ पर

धार। मध्य भारत लाइव न्यूज़ की खबर के बाद एवं भगवा पार्टी के आह्वान पर स्पष्ट हो चुका था कि धार नगर के अंदर पुराणिक एवं पुरातात्विक धरोहर राजा भोज के द्वारा स्थापित की गई भोजशाला जिसे मां-वाग्देवी सरस्वती का मंदिर कहा जाता है, जहां पर कई तथ्य आर्कियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया के द्वारा किए गए सर्वे में पाए गए थे। बावजूद इसके अगर इतिहास को खंगाला जाए तो धार के परमार वंश के द्वारा भी भोजशाला के कई उदाहरण सामने आते हैं। इन सभी तथ्यों को देखते हुए मध्य प्रदेश शासन एवं भारत सरकार के द्वारा लगातार हिंदुओं के पक्ष में फैसला आना कहीं ना कहीं भोजशाला की मुक्ति की ओर इशारा करता है।

कल देर शाम माननीय उच्च न्यायालय इंदौर की ओर से भी लिखित या यूं कहे की शासन प्रशासन की ओर से आने वाला अधिकारीक बयान यह साबित करता है कि भोजशाला वाग्देवी का मंदिर है। वहां पर हिंदुओं के द्वारा दिन भर निर्विघ्न पूजा की जाएगी साथ ही संप्रदाय विशेष के लोगों को नमाज के लिए भी विशेष स्थान की व्यवस्था की जाएगी। उस स्थान पर सीमित संख्या में समुदाय विशेष के लोग अपनी सुविधाओं के अनुरूप एवं शासन प्रशासन के निर्देशों के अनुरूप नमाज अदा कर पाएंगे।

भोजशाला में तैयारी एवं हवन पूजन की सामग्रियों के साथ संपूर्ण तैयारी की जा चुकी थी। शुक्रवार 23 जनवरी 2026 को सूर्योदय से सूर्यास्त तक निर्विघ्न पूजा के संपूर्ण आयोजन की तैयारीयां या कहे कि शासन प्रशासन के निर्देशानुसार तैयारियां पूर्ण कर ली गई है।

शासन प्रशासन के दिशा निर्देशों के अनुरूप ही हिंदू समाज मा वाग्देवी मंदिर भोजशाला में पूजन अर्चन करेगा, साथ ही निकटतम स्थित कमाल मौलाना मस्जिद में किसी प्रकार का कोई व्यवधान हिंदू समाज की ओर से उत्पन्न नहीं होगा। दोनों पक्ष शांति से अपना अपना कार्य करेंगे।

पुलिस प्रशासन हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। शासन प्रशासन की ओर से संपूर्ण व्यवस्थाएं कर दी गई है। संपूर्ण परिसर को सीसीटीवी की निगरानी एवं भारी मात्रा में उपस्थित सुरक्षा बलों की तैनाती में कार्यक्रम को संपादित करने के लिए तैयार हैं।

संपादक- श्री कमल गिरी गोस्वामी

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