कॉलोनीयों का गंदा पानी मिल रहा तालाबों में जिसका उपयोग हो रहा पीने के पानी में।
धार। (संभागीय ब्यूरो- आयुष अग्रवाल) शहर का नट नागरा तालाब जो की काल भैरव के नाम से प्रसिद्ध है। शहर में पीने के पानी की व्यवस्था को लेकर नगर पालिका एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के द्वारा उक्त तालाब पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए थे, ताकि शहर को साफ व स्वच्छ पानी पिने को मिल सके। साफ स्वच्छ पानी तो दूर की बात शहर की कॉलोनीयों के द्वारा ड्रेनेज लाइन से निकला गंदा पानी उक्त तालाब में छोड़ा जा रहा है, जो उस स्वच्छ पानी को गंदा कर रहा है। देखा जाए तो इंदौर के भागीरथपुरा जैसे हालात धार में भी निर्मित होने के आसार दिखाई दे रहे हैं।
उक्त कालभैरव तालाब का भव्य निर्माण जिस उद्देश्य से किया गया था, उस उद्देश्य के विपरीत स्वच्छ पानी को नगरीय प्रशासन की लापरवाही व अनदेखी से दूषित पानी बनाया जा रहा है।
नगर पालिका भी शायद इसी इंतजार में है कि नटनागरा तालाब का दूषित पानी सहवासी पिए और इंदौर जैसी कोई बड़ी घटना धार शहर में भी घटित हो।
आपको बता दे की तालाब में मिल रहे ड्रेनेज लाइन के दूषित पानी को रोकने व उस पानी का मार्ग परिवर्तन करने के लिए वर्ष 2021 से आमलोगों ने कई बार आवेदन दिए, मगर अभी तक किसी भी जल प्रदाय अधिकारी या नगर पालिका अधिकारी का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
शहर के महालक्ष्मी नगर एवं दौलत नगर की ड्रेनेज का गंदा पानी नट नागरा तालाब में लगातार मिल रहा है। ईस दूषित एवं ड्रेनेज के गंदे पानी से भगवान काल भैरव को भी स्नान कराया जाता है वहीं इस पानी को पूरे धार को पीना पड़ रहा है।
इंदौर शहर के भागीरथपुरा में जो घटना घटी है, क्या इसी प्रकार की घटना धार शहर में देखने के लिए अधिकारी इंतजार कर रहे हैं। क्योंकि अभी तक किसी भी अधिकारी द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
हमारे मध्य भारत लाईव न्यूज़ के संभागीय ब्यूरो द्वारा सीएमओ एवं जल प्रदाय अधिकारी को कई दिनों से लगातार सूचना कर इस ओर ध्यान आकर्षित किया जा रहा हैं, उनके द्वारा भी इस पर कोई करवाई नही की जा रही है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार —
हमारे संवाददाता ने जब इस संबंध में धार नगर पालिका में पदस्थ इंजीनियर एवं प्रभारी जल शाखा रेनू वर्मा से चर्चा की तब उन्होंने बताया कि सीएमएचओ साहब से बात की है, जांच करवाते हैं। इतना कह कर अपना पल्ला झाड़ लिया।
वही इस संबंध में जब मुख्य नगर पालिका अधिकारी कुंवर विश्वनाथ सिंह से फोन पर चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि जल शाखा प्रभारी रेनू वर्मा से चर्चा कर लीजिए।
इस प्रकार से जिम्मेदारों का जवाब आना कहीं ना कहीं धार शहर को बड़े संकट में डालने की ओर इशारा कर रहा है। कुछ ही दिनों पूर्व जिस प्रकार से इंदौर जैसे साफ एवं स्वच्छ महानगर में दूषित जल पीने से कई लोग काल के गाल में समा गए, ऐसी घटना की पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए इस पर ठोस कार्रवाई करना आवश्यक है। अगर इस प्रकार दूषित जल पिएंगे तो इंदौर जैसी घटना धार में भी संभवत घटित हो सकती है।

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