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चाय में कीटनाशक मिलाकर मां ने उठाया ऐसा कदम, खौफनाक मंजर से दहल उठा दिल

Mother took such a step by mixing pesticide in tea, the horrifying scene shook the heart.

चाय में कीटनाशक मिलाकर मां ने उठाया ऐसा कदम, खौफनाक मंजर से दहल उठा दिल

आलीराजपुर। (अब्बास जाम्बुवाला) जिले में शुक्रवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। आंबुआ थाना क्षेत्र के ग्राम अडवाड़ा के माफीदार फलिया में 28 वर्षीय महिला ने अपने तीन मासूम बच्चों को चाय में कीटनाशक मिलाकर पिला दिया और बाद में स्वयं भी वही चाय पी ली। इस हृदय विदारक घटना में तीनों बच्चों की मौत हो गई, जबकि महिला की हालत गंभीर बनी हुई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नूरीबाई पति मुकेश ने शुक्रवार को अपनी सात वर्षीय बेटी सावित्री, पांच वर्षीय बेटे कार्तिक और तीन वर्षीय बेटी दिव्या को चाय पिलाई। बताया जा रहा है कि चाय में कीटनाशक मिला हुआ था।

कुछ ही देर में चारों की तबीयत बिगड़ने लगी। स्वजन तत्काल उन्हें जिला अस्पताल लेकर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही सावित्री ने दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने कार्तिक, दिव्या और नूरीबाई की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें गुजरात के दाहोद रेफर किया।

दाहोद ले जाते समय रास्ते में कार्तिक और दिव्या ने भी दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल के चिकित्सक डाॅ. आर. जमरा ने बताया कि अस्पताल लाए जाने के समय सभी की स्थिति अत्यंत गंभीर थी। प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया, लेकिन बच्चों को बचाया नहीं जा सका।

स्कूल नहीं भेजा, बेटे को खेत से बुलाया —

ग्रामीणों के अनुसार, शुक्रवार को बड़ी बेटी सावित्री को स्कूल नहीं भेजा गया था। वहीं दूसरा बेटा कार्तिक, जो अपने दादा के साथ खेत पर गया हुआ था, उसे भी मां ने घर बुला लिया था। इसके बाद दोपहर में चाय के साथ सभी ने जहर पी लिया। घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, हालांकि वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।

पति जामनगर में करता है मजदूरी —

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि महिला का पति मुकेश गुजरात के जामनगर में मजदूरी करता है।

पुलिस द्वारा पूछताछ में मुकेश ने बताया कि 22 जनवरी को वह पत्नी और बच्चों को अडवाड़ा छोड़कर मजदूरी के लिए जामनगर चला गया था। उसने परिजनों से कहा था कि वह मजदूरी कर भगोरिया पर्व तक वापस लौट आएगा। मुकेश के अनुसार परिवार में ऐसा कोई विवाद नहीं था, जिससे उसकी पत्नी को इतना बड़ा कदम उठाना पड़े।

महिला की हालत गंभीर, मर्ग कायम —

आम्बुआ चौकी प्रभारी मोहन डावर ने बताया कि महिला नूरीबाई की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज दाहोद में जारी है। मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है। विवेचना के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि महिला ने यह कदम किन कारणों से उठाया।

पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार —

शनिवार को तीनों बच्चों का अंतिम संस्कार पुलिस की मौजूदगी में किया गया। मासूमों के शव देखकर स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक और सन्नाटा पसरा रहा। घटना की खबर फैलते ही मातम छा गया और हर कोई इस हृदय विदारक घटना से स्तब्ध नजर आया।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। महिला के बयान और विस्तृत विवेचना के बाद ही घटना के पीछे के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

संपादक- श्री कमल गिरी गोस्वामी

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