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Sach Ke Sath

अपनी अनियमिताओं के चलते लगातार मीडिया की सुर्खियां बटोर रहे शहर के सत्य साई हॉस्पिटल की कमियां जग जाहिर।

धार। जिले भर में नियम विरुद्ध कई कर्मियों के बावजूद निजी चिकित्सालय कुकुरमुत्तों की तरह संचालित हो रहे है। नियमो की अवहेलना करते हुए यह अस्पताल मरीजो के साथ जमकर लूट खसोट तो करते ही है, साथ ही सुविधाओ के अभाव में इलाज कर मरीजो की जान के साथ भी खिलवाड़ करने से भी बाज नही आते और इन सब मामलो में स्वास्थ्य विभाग का अमला भी इनके हर नियम विरुद्ध कार्य में इनके साथ खड़ा नजर आता है?

गौरतलब है कि कुछ समय पहले सत्य साई हॉस्पिटल की शिकायत हुई थी, इस मामले में स्वास्थय विभाग द्वारा एक टीम गठित की गई थी, टीम द्वारा जांच के बाद कार्रवाई करते हुए जांच अमले ने सत्य साईं चिकित्सालय में अनियमितताओं के चलते सात दिवस के लिए इसे निलम्बित कर दिया था। स्वास्थ्य विभाग के अमले के द्वारा यह चेतावनी भी दी थी कि निलंबन के दौरान कोई भी नए मरीजो को भर्ती नही किया जाए। मगर स्वास्थ्य विभाग के आदेशों को हवा में उड़ाते हुए निलंबन अवधि से आज तक सत्य साई के फर्जी संचालक दिलीप सक्सेना द्वार नए मरीजो को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। हमने फर्जी इसलिए कहा क्योंकि सत्य साइन हॉस्पिटल के रजिस्ट्रेशन में संचालक डॉक्टर विजय कुमार शर्मा का नाम रजिस्टर्ड है।

लगातार मीडिया के द्वारा सत्य साई हॉस्पिटल की कमियां उजागर करने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा टीम गठित कर जांच की गई थी। जांच के उपरांत तय समय सीमा में कमियों को दूर नहीं किए जाने पर सत्य साई हॉस्पिटल को निलंबित किया गया था। निलंबन के बाद भी जस की तस स्वास्थ्य सेवाएं जारी थी।

इतने बड़े पैमाने पर इस प्रकार से कई अनियमितताओं के साथ अस्पताल संचालन करना कहीं ना कहीं स्वास्थ्य विभाग पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी या यूं कहें कि स्वास्थ्य विभाग के लाभ शुभ के चलते आम जनता के स्वास्थ से खिलवाड़ हो रहा है।

पुनः एक टीम गठित कर समस्त स्वास्थ कर्मियों के साथ पाई गई कमियों की जांच की जाएगी। इस बार शक्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी धार, डॉ राकेश कुमार शिंदे।

संपादक- श्री कमल गिरी गोस्वामी

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