अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। TI प्रवीण ठाकरे और एक महिला पुलिसकर्मी सहित कई घायल, सरकारी वाहनो में भी तोड़फोड़।
धार। मध्यप्रदेश के धार जिले से बड़ी खबर सामने आई है, जहां अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। घटना धामनोद थाना क्षेत्र के गुजरी के सिरसोदिया गांव की है। अचानक हुए पथराव में धामनोद थाना प्रभारी प्रवीण ठाकरे और एक महिला पुलिसकर्मी घायल हो गए। वहीं तहसीलदार की सरकारी गाड़ी के कांच भी तोड़ दिए गए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई और अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही भड़का विवाद —
जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह करीब 10 बजे प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम न्यायालय के आदेश पर अतिक्रमण हटाने सिरसोदिया गांव पहुंची थी। जैसे ही टीम ने कार्रवाई शुरू की, ग्रामीणों ने विरोध करना शुरू कर दिया। विरोध धीरे-धीरे उग्र होता गया और अचानक भीड़ ने प्रशासनिक अमले पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव के दौरान थाना प्रभारी प्रवीण ठाकरे और एक महिला पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। दोनों को तुरंत धामनोद अस्पताल भेजा गया। हिंसक माहौल के चलते कुछ समय के लिए हाईवे पर आवागमन भी प्रभावित रहा।
अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया, SDM ने लिया हालात का जायजा —
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर भेजा गया। मनावर एसडीएम प्रमोद सिंह गुर्जर भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया। प्रशासन ने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और पथराव करने वालों की पहचान की जा रही है।
अतिक्रमण को लेकर लंबा विवाद, जमीन मालिक के पक्ष में आया था कोर्ट का फैसला —
एडिशनल ASP विजय डावर ने बताया कि कोर्ट के आदेश के तहत राजस्व और पुलिस की टीम जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। इसी दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने पथराव कर दिया, जिसमें सरकारी वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए। धामनोद तहसीलदार कृष्णा पटेल के अनुसार विवादित जमीन पर अदालत ने जमीन मालिक के पक्ष में निर्णय दिया था। जांच में पाया गया कि संतोष नाम के व्यक्ति ने जमीन पर अतिक्रमण कर रखा था, जिसे हटाने की कार्रवाई की जा रही थी।
अतिक्रमणकर्ता का बयान: “70–80 साल से रह रहा हूं, 2–3 दिन का समय मांगा”
अतिक्रमणकारी संतोष का कहना है कि वह पिछले 70–80 वर्षों से इस जमीन पर रह रहा है और पहले कभी हटाने की कोई कार्रवाई नहीं हुई। त्योहार के कारण उसने 2–3 दिन का समय मांगा है, जिसके बाद जगह खाली करने की बात कही है। संतोष ने दावा किया कि उक्त भूमि को भाजपा विधायक कालू सिंह ठाकुर ने अपनी बहू पल्लवी ठाकुर के नाम से एक वर्ष पहले खरीदा था, जिससे विवाद बढ़ा।
विवाद पहले भी भड़का था, विधायक का वीडियो हुआ था वायरल —
इस भूमि पर पूर्व में रास्ते को लेकर भी विवाद हुआ था। उस समय विधायक कालू सिंह ठाकुर की महिलाओं से कहासुनी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और स्थिति सामान्य बताई जा रही है।


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