समाज का बड़ा फैसला: दहेज सीमित, डीजे पर रोक और पक्की (विदेशी शराब) दारू पूरी तरह प्रतिबंधित।
धार। राहुल वास्केल – सामाजिक सुधार की दिशा में एक अहम पहल करते हुए जनपद पंचायत तिरला क्षेत्र के भील समाज ने दहेज, फिजूल खर्च और नशे जैसी कुरीतियों पर सख्त निर्णय लिया हैं। सामूहिक ग्राम सभाओं में लिए गए इन फैसलों को आज से लागू करने का ऐलान किया गया, जिससे समाज में सादगी और अनुशासन को बढ़ावा मिलेगा।
रविवार को सेमलीपुरा, शिवसिंहपुरा, बोरी, सिंधकुआं, कच्छावदा और नीमखेड़ा सहित छह पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। सेमलीपुरा और सिंधकुआं में भील समाज की कमेटी के नेतृत्व में अलग-अलग बैठकों में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से सामाजिक कुरीतियों को जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया।
बैठकों में तय किया गया कि दहेज प्रथा पर नियंत्रण के लिए अधिकतम 80 हजार रुपये की सीमा निर्धारित की जाएगी। शादी-ब्याह में फिजूल खर्च पर रोक लगाते हुए सगाई और अन्य रस्मों में सीमित लोगों की भागीदारी तय की गई—दोनों पक्षों से 4-5 लोग ही शामिल होंगे।
डीजे को लेकर भी सख्त निर्णय लिया गया। बड़ी गाड़ी वाले डीजे पर पूरी तरह रोक रहेगी, जबकि केवल दो स्पीकर तक ही अनुमति दी जाएगी। वहीं पक्की (अंग्रेजी) दारू (शराब) पर सभी मांगलिक और सामाजिक कार्यक्रमों में पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा।
इसके अलावा मृत्यु भोज (नुक्ता), बहन-बेटी से बकरा लेने की परंपरा जैसी कुरीतियों को भी समाप्त करने का निर्णय लिया गया। समाज के वरिष्ठों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इन फैसलों को लागू कराने की जिम्मेदारी ली है।
इस अभियान में भील समाज संगठन, जिला धार की सक्रिय भूमिका रही। बैठकों में रवि अजनारें, राहुल वास्केल, पप्पू निनामा भगत, रमेश भूरिया, कैलाश गामड़ सहित समाज के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
समाज के इस सामूहिक निर्णय को सामाजिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। जानकारी मीडिया प्रभारी मुकेश वास्केल ने दी।



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