41 साल की निष्कलंक सेवा का सम्मान: धार के ट्रैफिक उपनिरीक्षक अजीत सिंह कुशवाह को मिला गृहमंत्री अति-उत्कृष्ट सेवा पदक।
धार। तपती धूप, मूसलाधार बारिश और त्योहारों की भीड़, हर हालात में शहर की सड़कों को संभालने वाले एक सच्चे कर्मयोगी को आखिरकार उसका हक मिला। धार के ट्रैफिक विभाग में 41 वर्षों तक ईमानदारी और समर्पण से सेवा देने वाले अजीत सिंह कुशवाह को केंद्रीय गृहमंत्री अति-उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया है।
वर्ष 2024 की उत्कृष्ट सेवाओं के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा केंद्रीय गृहमंत्री अति-उत्कृष्ट सेवा पदक एवं उत्कृष्ट सेवा पदक की घोषणा की गई थी। इस प्रतिष्ठित सम्मान सूची में धार जिले के पुलिसकर्मियों ने भी अपनी उल्लेखनीय सेवाओं के दम पर स्थान बनाकर जिले का गौरव बढ़ाया है।
अति-उत्कृष्ट सेवा पदक से यातायात थाना धार में पदस्थ कार्यवाहक उप निरीक्षक अजीत सिंह कुशवाह को सम्मानित किया गया है। यह सम्मान केवल एक पदक भर नहीं, बल्कि उनके 41 वर्षों के निष्कलंक, अनुशासित और जनसेवा को समर्पित सेवाकाल की एक बड़ी पहचान है।
यातायात व्यवस्था को किया बेहतर —
अपने लंबे कार्यकाल के दौरान कुशवाह ने यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने, आमजन को जागरूक करने और कर्तव्यनिष्ठा के साथ सेवा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी कार्यशैली सदैव अनुशासन, समर्पण और ईमानदारी का उदाहरण रही है।
हर परिस्थिति में पूरी मुस्तैदी के साथ डटे रहे कुशवाह —
शहर की सड़कों को व्यवस्थित रखना किसी चुनौती से कम नहीं होता, लेकिन अजित सिंह कुशवाह ने इसे सिर्फ ड्यूटी नहीं, बल्कि अपना धर्म समझकर निभाया। चाहे कड़कती धूप हो, तेज बारिश या त्योहारों के दौरान उमड़ती भीड़, हर परिस्थिति में वे पूरी मुस्तैदी के साथ डटे रहे। ट्रैफिक जाम को जल्दी खुलवाना, दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सतर्कता और सड़क सुरक्षा को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाना उनकी कार्यशैली की खास पहचान रही है। आमजन के प्रति उनका
सौम्य व्यवहार भी उन्हें सबसे अलग बनाता है —
सेवानिवृत्ति के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में नगर पुलिस अधीक्षक सुजावल जग्गा, यातायात निरीक्षक प्रेमसिंह ठाकुर सहित कई पुलिस अधिकारी, गणमान्य नागरिक और पत्रकार उपस्थित रहे। सभी ने कुशवाह का स्वागत करते हुए उनके योगदान को सराहा और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अन्य पुलिसकर्मियों के लिए बने प्रेरणा —
इस सम्मान से न केवल अजीत सिंह कुशवाह का मनोबल बढ़ा है, बल्कि जिले के अन्य पुलिसकर्मियों को भी प्रेरणा मिली है कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ करें। यह उपलब्धि पूरे धार जिले के लिए गर्व का विषय है।
यह सम्मान न केवल कुशवाह के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि पूरे धार जिले के लिए प्रेरणा भी है कि समर्पण और ईमानदारी से की गई सेवा कभी अनदेखी नहीं जाती।

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