20/01/2026

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आमजन की जान से खिलवाड़ – झाबुआ मेले में झूला टूट कर गिरा, मनावर मेले में सुरक्षा को लेकर क्या है इंतजाम?

फिटिंग फिटनेस और इलेक्ट्रॉनिक सर्टिफिकेट के बिना कैसे सं चालित हो रहे झूले।

धार। (सुनील कटारिया) मध्य प्रदेश के झाबुआ में एक मेला कार्यक्रम के दौरान संचालित किऐ जा रहे विशालकाय झूले का एक धड़ा टूट कर नीचे गिर गया। जिसके कारण झूले में सवार कई स्कूली बच्चे और अन्य नागरिक घायल हो गए। देखते ही देखते मेले में अफरा तफरी मच गई। चारों ओर सीख पुकार की आवाज़ सुनाई देने लगी, मेले में मौजूद लोगों की मदद से झूले के नीचे दबे घायलों को झूले के बाहर निकाला गया और उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया जहां घायलों का उपचार किया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार स्कूल के छात्र और छात्राओं को सिर, शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोंटे लगी है।

मौके पर प्रशासन पहुंचा और मामले का संज्ञान लेकर घायलों के उपचार हेतु व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बताया गया कि कुछ झूलों को अस्थाई तौर पर बंद कर दिया गया है।

मेले में यह लापरवाही कई लोगों की जान ले सकती थी लेकिन गनीमति रही की किसी की मृत्यु नहीं हुई जबकि इतने विशालकाय लोहे की धातु से बने इस झूले के नीचे दबने से बहुत बड़ा हादसा हो सकता था। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि यह झूले लगाते समय कोई भी अधिकारी उनकी जांच पड़ताल नहीं करता है और ना ही उनकी बॉडी फिटनेस और विद्युत विभाग द्वारा कोई जांच की जाती है, ऐसे में दुर्घटना होने पर जिम्मेदार किसे माना जाए यह भी एक सोचने वाली बात है।

मनावर में भी होगा मेला, क्या दुर्घटना के बाद जागेगा प्रशासन ?

लगाने से पहले झूलों का होता है फिटनेश परीक्षण !

मेले में झूलों को लगाने से पहले उनका फिटनेस परीक्षण करवाना अनिवार्य होता है। फिटनेस परीक्षण रिपोर्ट पीडब्ल्यूडी या नपा के एक्सपर्ट द्वारा दी जाती है। एक्सपर्ट यह देखता है कि झूले कितने पुराने हैं, इसकी क्या क्षमता है, क्या झूले अपनी क्षमता के अनुसार लोगों का भार झेल सकते हैं। झूलों में लगे हुए पाइप, एंगल, नट-बोल्ट और फिटिंग के साथ-साथ बिजली के करंट जैसे चीजों की जांच होना अति आवश्यक है। इन सभी बातों का बारीकी से परीक्षण कर रिपोर्ट तैयार होती है, लेकिन मेले में झूले कसकर तैयार होने की कगार में हैं और प्राप्त जानकारी अनुसार अभी तक झूलों का किसी भी तरह का परीक्षण नहीं हुआ है और प्रतिदिन छोटे बड़े हजारों लोग मनावर मेले में लगे झूलो का आनंद लेने के लिए उत्साहित हैं। लेकिन क्या यह झूले आमजन की सुरक्षा सुविधा को देखकर लगाए गए हैं या नहीं इसकी कोई गारंटी नहीं दिख रही। क्योंकि जिन झूलो का फिटनेस परीक्षण ही नहीं हुआ उसे सुरक्षित कैसे माना जा सकता है?

संपादक- श्री कमल गिरी गोस्वामी

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