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मौसम के मिजाज में बदलाव: तापमान के उतार-चढ़ाव से बढ़ी चिंता, अस्पतालों में मरीजों की संख्या में इजाफा

धार। (प्रधान संपादक सुनील यादव) पिछले 10 दिनों में मौसम के बदलते मिजाज ने आमजन की सेहत पर असर डालना शुरू कर दिया है। कभी गर्मी तो कभी हल्की ठंडक के बीच अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 19 डिग्री तक पहुंच गया है। इस उतार-चढ़ाव का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर देखने को मिल रहा है, जिसके चलते अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से तापमान में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। उसके पीछे एक कारण यह भी है कि विगत दो दिनों से कहीं तेज तो कहीं हल्की बूंदाबांदी बारिश हो रही है। दिन में तेज धूप और गर्मी का एहसास होता है, वहीं रात और सुबह के समय हल्की ठंडक बनी रहती है। इस असंतुलित मौसम के कारण लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है।

डॉक्टरों के अनुसार, इस तरह के मौसम में सर्दी-खांसी, बुखार, वायरल संक्रमण और एलर्जी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं। खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण वे जल्दी इसकी चपेट में आ जाते हैं।

स्थानीय अस्पतालों और क्लीनिकों में इन दिनों मरीजों की संख्या में स्पष्ट वृद्धि देखी जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि सुबह-शाम के समय ठंडी हवा और दिन में गर्मी के कारण शरीर तापमान को संतुलित नहीं कर पाता, जिससे बीमारियां बढ़ रही हैं।

विशेषज्ञों की सलाह —

धार शहर के धारेश्वर अस्पताल संचालक वरिष्ठ चिकित्सक डॉ देवेंद्र सांखला ने बताया कि मौसम परिवर्तन के कारण शरीर में वात पित्त और कफ का परिवर्तन हो जाता है, इस कारण से हार्ट अटैक, लक़वा, अस्थमा, उल्टी, दस्त, सर्दी, खाँसी और वायरल बुखार आदि के मरीजो की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे समय में मौसम के हिसाब से भोजन करना चाहिए। ठंडे मौसम में गर्म पदार्थ का सेवन करना चाहिए और गर्म मौसम में ठंडे पदार्थों का सेवन करना चाहिए। अनावश्यक यात्रा और धूप में भागा दौड़ी नहीं करना चाहिए। घर पर अधिक से अधिक समय परिवार के साथ रहना चाहिए।

मौसम परिवर्तन से बढ़ रहा बीमारियों के ख़तरा —

मौसम परिवर्तन और अनिश्चितता (तेज़ गर्मी, असमय बारिश, ओलावृष्टि) के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं जैसे सर्दी-खांसी, एलर्जी, वायरल इन्फेक्शन, और पाचन संबंधी रोग तेजी से बढ़ रहे हैं।

मौसम परिवर्तन से होने वाले प्रमुख नुकसान और समस्याएं —

स्वास्थ्य पर प्रभाव —

वायरल और सांस की बीमारी: तापमान में तेजी से बदलाव से सर्दी, खांसी, और एलर्जी (पॉलेन/धूल के कारण) बढ़ रही है।

पाचन और अन्य समस्या: गर्मी में डिहाइड्रेशन, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, और पाचन संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं।

कमजोर इम्युनिटी: बदलते मौसम में शरीर को अनुकूलित (adjust) करने में समय लगता है, जिससे इम्युनिटी अस्थायी रूप से कमजोर हो जाती है।

संपादक- श्री कमल गिरी गोस्वामी

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