08/01/2026

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Sach Ke Sath

सरदारपुर/धार। आज के समय मे “बाप बड़ा ना भैया” इस कहावत को चरितार्थ करता धार का शिक्षा विभाग। जहां पर शिक्षा विभाग में हॉस्टल अधीक्षक से लेकर BRC या यूं कहे कि जनपद शिक्षा केंद्र में खण्ड स्त्रोत समन्वयक या फिर विकासखंड शिक्षा अधिकारी के लिए अलग-अलग प्रवेश परीक्षाएं होती है। जिनमें उत्तीर्ण होने के बाद या यूं कहें कि उस संबंधित कार्य क्षेत्र की आपको प्रतियोगिता परीक्षा को पास करके पद को प्राप्त करना होता है। पर धार जिला तो अपने आप में नाम से ही धार है। यहां पर प्रतियोगिता परीक्षा या यूं कहे की पद पर प्रतिष्ठित होने के लिए सिर्फ और सिर्फ पैसा ही योग्य माना जाता है।

आपके पास पैसा है तो आपको मनचाहा पद, मलाईदार पद या यूं कहें कि पैसे के दम पर आप किसी भी पद पर काबिज हो सकते हैं।

बाप बड़ा ना भैया कहावत को चरितार्थ करता धार जिले की सरदारपुर तहसील अंतर्गत जनपद शिक्षा अधिकारी का पद यहां पर पूर्व में हुए प्रतियोगिता परीक्षा में उत्तीर्ण शिक्षकों को दरकिनार करते हुए, पैसों के दम पर एक जन शिक्षक ने BRC का पद प्राप्त किया है।

इसके पीछे एकमात्र यह कारण है कि या तो नेता नगरी का आव भाव प्रभाव या फिर शुभ लाभ के चलते ही इस प्रकार की पदस्थापना संभव है। क्योंकि BRC जैसे महत्वपूर्ण पद के लिए प्रतियोगिता परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद भी जिले या तहसील में पद को प्राप्त करना इतना आसान नहीं है, जितनी आसानी से सरदारपुर BRC ने अपना पद हासिल किया है, वहीं अगर बात प्रतियोगिता परीक्षा की की जाए तो सैकड़ो शिक्षक या इस पद के जिम्मेदार अधिकारी लाइन में खड़े हैं।

संपादक- श्री कमल गिरी गोस्वामी

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