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श्वान की मौत से भड़का बवाल: दलित युवक पर जानलेवा हमला, पहले लीपापोती फिर दबाव में पुलिस ने दर्ज किया गंभीर मामला

मध्यभारत लाइव न्यूज़ की खबर का असर श्वान की मौत से भड़का बवाल: दलित युवक पर जानलेवा हमला, पहले लीपापोती फिर दबाव में पुलिस ने दर्ज किया गंभीर मामला।

धार। शहर के नौगांव थाना क्षेत्र की चाणक्यपुरी कॉलोनी में एक श्वान (कुत्ते) की मौत से शुरू हुआ विवाद अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो एवं मध्यभारत लाइव न्यूज़ की ख़बर पर घायल युवक और शुरुआती कार्रवाई में ढिलाई के आरोपों के बाद आखिरकार पुलिस को गंभीर धाराओं में केस दर्ज करना पड़ा।

जानकारी के अनुसार चाणक्यपुरी कॉलोनी में एक श्वान को कथित रूप से वाहन द्वारा कुचलकर मार दिया गया था। इस घटना के बाद जब उसके पालक विशाल बोरसी, जो की अनुसूचित जाति से हैं, ने इसका विरोध किया तो विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।

आरोप है कि पंकज वैष्णव, जनार्दन वैष्णव, बालचंद और उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने मिलकर विशाल पर ताबड़तोड़ लाठियों से हमला कर दिया था। इस हमले में युवक को गंभीर चोटें आईं और उसे जिला भोज चिकित्सालय में भर्ती कराना पड़ा। घटना के दौरान मौजूद लोग मूकदर्शक बने रहे, जिससे घटना की गंभीरता और बढ़ गई।

पीड़ित का आरोप था कि घटना के बाद भी नौगांव थाना पुलिस ने तुरंत उचित कार्रवाई नहीं की और शुरुआत में केवल पशु क्रूरता से जुड़ी धारा में मामला दर्ज कर मामले को हल्का करने का प्रयास किया गया।

हालांकि, जैसे ही मामला सोशल मीडिया ओर मध्यभारत लाइव न्यूज़ पर वायरल हुआ और मीडिया में प्रमुखता से उठा तब वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने संज्ञान लिया। इसके बाद नौगांव पुलिस हरकत में आई और आरोपियों के खिलाफ मारपीट, जातिसूचक अपमान, धमकी सहित एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 29 मार्च 2026 को सुबह हुई इस घटना में आरोपियों ने न केवल युवक के साथ मारपीट की, बल्कि उसका आईफोन भी तोड़ दिया और जान से मारने की धमकी दी।

अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि मामला वायरल नहीं होता, तो क्या पीड़ित को न्याय मिल पाता? फिलहाल पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने कानून व्यवस्था और त्वरित कार्रवाई पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

संपादक- श्री कमल गिरी गोस्वामी

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