दूषित पानी पर गरमाई राजनीति, युवा कांग्रेस ने घेरा नगर निगम, महापौर-मंत्री से मांगा इस्तीफा, घंटा लेकर पहुंचे कांग्रेसी।
इंदौर। दूषित पेयजल से 15 मौतों और सैकड़ों लोगों के बीमार होने के मुद्दे पर युवा कांग्रेस ने शुक्रवार को नगर निगम मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेसी नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव से मौतों की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग कर रहे थे।
विजयवर्गीय के चर्चित बयान को देखते हुए प्रदर्शन करने वाले कांग्रेसी अपने साथ घंटा भी लेकर निगम के दरवाजे पर पहुंचे थे। पुलिस जवान भी सबसे पहले घंटा जब्त कर पास के थाने की ओर भागे।

निगम के मुख्य द्वार पर पुलिस से कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की झूमाझटकी भी हुई। इस बीच कांग्रेस वालों ने मंत्री विजयवर्गीय का पुतला फूंक दिया। इस दौरान 30 से ज्यादा कांग्रेसियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
शहर युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित पटेल, जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े, प्रदेश युवा कांग्रेस प्रभारी शिविसिंह चौहान के साथ महिला कार्यकर्ता भी विरोध में शामिल दिखी। कांग्रेसियों के गुस्से के केंद्र में मंत्री विजयवर्गीय नजर आए। ज्यादातर प्रदर्शनकारियों के हाथ में विजयवर्गीय के विरोध वाले पोस्टर थे।

दोनों अध्यक्षों के साथ कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लेकर बस में भरकर सेंट्रल जेल की ओर रवाना कर दिया। इसके बाद भी कार्यकर्ता डटे रहे। बाद में कांग्रेसी पार्षद राजू भदौरिया, दीपू यादव, कुणाल सोलंकी, योगेंद्र मौर्य, अमन बजाज के साथ कार्यकर्ताओं के दूसरे समूह ने निगम मुख्यालय में दाखिल होने की कोशिश की।

कांग्रेसी महापौर को बाहर बुलाने की मांग भी करते रहे। युवा कांग्रेस ने मांग रखी कि भागीरथपुरा में मृतक के स्वजनों को शासकीय नौकरी दी जाए और निगम की लापरवाही के लिए बीमार व मृतकों को को 20-20 लाख मुआवजा देना चाहिए। कांग्रेसियों ने कहा कि पुलिस निगम के जिम्मेदार और जल कार्य प्रभारी बबलू शर्मा पर भी 15 मौतों के लिए आपराधिक प्रकरण दर्ज करें।

पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करने की कोशिश की तो पास में एमजी रोड थाने के बाहर भी कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर दी। प्रदर्शन में युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव मोनिका मंडरे, सीमा सोलंकी, वरेशपालसिंह भी शामिल रहे। हालांकि शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे इस प्रदर्शन में नजर नहीं आए।

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