सेल्फी के चक्कर में पर्यटक दुर्घटना संभावित झोन में जाकर दे रहे, मौत को खुला निमंत्रण।
प्रशासन की तमाम शक्ति, एवं सूचना बोर्ड लगाने के बाद भी नहीं मान रहे हैं पर्यटक।
पर्यटक स्थल पर स्थाई रूप से सुरक्षाकर्मी तैनात करने की आवश्यकता।
धार। (तरुण राठौड़) पर्यटन नगरी मांडू में मानसून सत्र के दौरान इन दोनों बड़ी संख्या में प्रतिदिन पर्यटक पहुंच रहे हैं। प्रशासन की तमाम चेतावनी व सूचना बोर्ड लगा देने के बावजूद भी पर्यटक सेल्फी व फोटो लेने के चक्कर में दुर्घटना वाले क्षेत्र में जाने से नहीं मान रहे हैं। सेल्फी व फोटो के चक्कर में अपनी मौत को खुला निमंत्रण दे रहे हैं पर्यटक। दुर्घटना झोन में जाने वाले पर्यटकों को रोकने के लिए अब प्रशासन को पर्यटन स्थलो पर स्थाई रूप से सुरक्षाकर्मी तैनात करने की आवश्यकता है।

मानसून सत्र की शुरुआत के साथ पर्यटन नगरी मांडू में भी सैलानियों का जमावड़ा शुरू हो जाता है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचकर ऐतिहासिक महलों व प्राकृतिक सौंदर्य का मजा लेते हैं। वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया के कारण पर्यटक फोटो सेल्फी बनाने के चक्कर में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में भी पहुंच जाते हैं। ऐसे में पर्यटक अपनी मौत को खुला निमंत्रण देते हुए देखे जा सकते हैं।
प्रशासन ने लगाए थे सूचना बोर्ड फिर भी नहीं मान रहे हैं पर्यटक —
मांडू में लगने वाले जाम एवं एवं दुर्घटना झोन में जाने वाले पर्यटकों को लेकर मीडिया में समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन के आला अधिकारी मांडू पहुंचे थे। यहां ई रिक्शा व पैदल घूम कर प्रशासनिक अधिकारियों ने लगने वाले जाम को लेकर सुधार किया था। वहीं दुर्घटना वाले क्षेत्रों में सूचना बोर्ड लगाए गए थे। लेकिन इसके बावजूद भी पर्यटकों पर इसका असर देखने को नहीं मिल रहा है।

सुरक्षा कर्मी नहीं होने पर पहुंच जाते हैं पर्यटक डेंजर झोन में —
मांडू के पर्यटक स्थलों पर स्थाई रूप से सुरक्षाकर्मी नहीं होने के कारण प्रतिदिन पर्यटक सेल्फी फोटो व रील बनाने के चक्कर में डेंजर झोन में पहुंच जाते हैं। इस वजह से अब चुनिंदा पर्यटक स्थलों पर मानसून सत्र के दौरान स्थाई रूप से सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाने की आवश्यकता है। ताकि ऐसे पर्यटकों को रोका जा सके।

ताजा समाचार (Latest News)
भगोरिया मेला क्यों प्रसिद्ध है? क्यों मनाया जाता है यह पर्व
जनजाति कार्य विभाग में हुए हंगामें पर क्या होगी कार्रवाई या फिर होगी लीपा पोती!
नर्मदा में डूबा इंजीनियर, 24 घंटे बाद भी सुराग नहीं, रेस्क्यू जारी