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Home » मध्यप्रदेश » पत्नी ने आशिक के लिए उजाड़ दिया मांग का सिंदूर ओर घर का चिराग

आशिक के चक्कर में इतना किया प्रताड़ित की पति को देनी पड़ गई जान।

पत्नी आशिक से मोबाइल पर करती थी अश्लील वीडियो कॉल, इसके बाद पति ने उठाया खौफनाक कदम।

धार। जिले के सागौर थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम गुलवा के एक डॉक्टर ने पत्नी की हरकतों से परेशान होकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। युवक द्वारा अपने जीवन लीला समाप्त करने के दौरान एक सुसाइड नोट भी लिखा था, जिसमें स्पष्ट रूप से वर्णन किया गया था कि पत्नी के द्वारा उसके आशिक से रात्रि में अश्लीलता पूर्ण वीडियो कॉलिंग की जा रही थी। जिसके प्रमाण भी मृतक के पास सुरक्षित थे।

रिश्तो को बचाने के लिए किए थे अथक प्रयास —

परिजनों द्वारा बताया जा रहा है कि युवक के आत्महत्या करने से पूर्व पत्नी को घर लाकर समझाया गया था एवं दोनों परिवारों के समक्ष एक स्टांप पर लेख हुआ था कि आज के बाद लड़की उसके प्रेमी से कोई संबंध नहीं रखेगी ना ही उससे कोई वार्तालाप करेगी, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर वही हालात निर्मित हुए एवं लड़की के परिवार वालों ने लड़की का साथ देते हुए युवक पर कई प्रकार के गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद युवक ने अपनी एवं अपने परिवार की इज्जत एवं मर्यादा को बचाने के लिए जहर खाकर आत्महत्या कर लि।

डेढ़ महीने बाद पुलिस ने किया आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज —

आपको बता दे की सागौर थाने की दिग्ठान चौकी पुलिस के द्वारा सुसाइड नोट की विस्तृत जांच कर करीब डेढ़ महीने बाद आशिक शुभम सहित करीब पांच लोगों पर नामजद प्रकरण दर्ज किया है।

पत्नी एवं ससुराल वालों की प्रताड़ना से तंग आकर की थी आत्महत्या —

ससुराल वालों ने दामाद को इतना प्रताड़ित किया कि मौत को गले लगाना पड़ा। सागौर थाना क्षेत्र में एक युवक ने ससुराल पक्ष की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली थी।

मृतक मनोज (24) निवासी गुलवा ने जहर पीकर अपनी जान दे दी थी।

आरोपी नामजद: पुलिस ने इस मामले में मनोज की पत्नी मोनिका, आशिक शुभम, सास कांताबाई, ससुर तेजकरण, काकी सास मंजुला और काका ससुर रामकरण (सभी निवासी ग्राम मोथला, बेटमा) के खिलाफ केस दर्ज किया है।

SC/ST एक्ट भी लगा: मृतक दलित समाज से था, इसलिए पुलिस ने धारा 108 BNS के साथ ही SC/ST एक्ट की सख्त धाराएं भी लगाई हैं।

वजह: आरोप है कि ससुराल पक्ष के ये सभी लोग मिलकर मनोज को लंबे समय से प्रताड़ित कर रहे थे।

संपादक- श्री कमल गिरी गोस्वामी

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