पुलिस ने जारी की सख्त चेतावनी। चप्पे-चप्पे पर ‘डिजिटल’ नजर।
इंदौर/धार। धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला का धार्मिक स्वरूप आज शुक्रवार को निर्धारित हो जाएगा। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में इस मामले में पांच जनहित याचिकाएं और एक अपील पर सुनवाई पूरी हो चुकी है। छह अप्रैल से 12 मई 2026 तक नियमित सुनवाई हुई। 24 दिन, 43 घंटे सुनवाई के बाद 12 मई को कोर्ट ने सभी याचिकाओं में निर्णय सुरक्षित रख लिया था, जो 15 मई को जारी होगा। न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी यह फैसला सुनाएंगे। इसके बाद ही तय होगा कि भोजशाला मंदिर है या मस्जिद।
वर्ष 2013 से लंबित याचिकाओं पर विभिन्न पक्षों की मांग
हाई कोर्ट में वर्ष 2013 से भोजशाला मामले की सुनवाई चल रही है। पांच जनहित याचिकाओं में से दो मंदिर पक्ष ने, एक मस्जिद पक्ष ने, एक जैन समाज ने और एक स्थानीय रहवासियों ने दायर की है। मंदिर पक्ष भोजशाला को मंदिर घोषित करने और यहां 24 घंटे पूजा का अधिकार देने की मांग कर रहा है, जबकि मस्जिद पक्ष इसे मस्जिद घोषित करने और नमाज की अनुमति मांग रहा है। जैन समाज भोजशाला को जैन गुरुकुल बताते हुए जैन धर्मावलंबियों को पूजा का अधिकार देने की मांग कर रहा है। वहीं स्थानीय रहवासियों की याचिका में इस पूरे मामले का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने की मांग है।
एएसआइ की सर्वे रिपोर्ट को लेकर हुई लंबी बहस
हाई कोर्ट के आदेश पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) ने भोजशाला परिसर में 98 दिन लंबा सर्वे किया था। इस सर्वे में अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया। दो हजार पेज से अधिक की सर्वे रिपोर्ट में सर्वे के दौरान भोजशाला में मिली मूर्तियां, शिलालेख, सिक्के इत्यादि का उल्लेख है।
धार पुलिस ने जारी की सख्त चेतावनी
धार जिले में शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारा बनाए रखने के लिए धार पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। हाल ही में पुलिस प्रशासन ने आम जनता के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है, जिसमें सोशल मीडिया का उपयोग करने वाले नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।
भ्रामक पोस्ट की तो खैर नहीं: IT एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
धार पुलिस ने स्पष्ट किया है कि असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर) पर फैलाए जाने वाले आपत्तिजनक मैसेज या अफवाहों पर ध्यान न दें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि: किसी भी आपत्तिजनक पोस्ट को लाईक, शेयर या फॉरवर्ड करना अपराध की श्रेणी में आएगा।
ऐसा करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 (IT Act) की गंभीर धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
चप्पे-चप्पे पर ‘डिजिटल’ नजर
पुलिस प्रशासन के अनुसार, जिले की साइबर सेल और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम हर प्लेटफॉर्म पर पैनी नजर रख रही है। शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
नागरिकों से सहयोग की अपील
धार पुलिस ने गणमान्य नागरिकों से अपील की है कि वे जिले की समरसता और सद्भाव बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। यदि आपको किसी भी प्रकार की संदिग्ध या आपत्तिजनक गतिविधि नजर आती है, तो तुरंत अपने नजदीकी थाने या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें।
“आपकी एक सजगता जिले में शांति बनाए रखने में मददगार साबित हो सकती है। अफवाहों का हिस्सा न बनें, बल्कि उन्हें रोकने में पुलिस का साथ दें।”
आपातकालीन स्थिति में यहाँ संपर्क करें:
किसी भी संदिग्ध सूचना या सहायता के लिए पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:
7049101026
07292-406708


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