madhyabharatlive

Sach Ke Sath

सरदारपुर/धार। संपादक मध्यभारत लाइव – जितेंद्र जैन – हुआ खबर का असर — नगर में चोरी की वारदात बढ़ती ही जा रही है खबर के प्रकाशन के बाद जागा पुलिस महकमा।

दिनांक 10/10/2024 की रात को लाबरिया फाटा पर चोरों ने आतंक मचाया और एक ही रात में तीन चार घरों से सोयाबीन की चोरी की थी। उक्त खबर को मध्यभारत लाइव सम्पदाक जितेंद्र जैन द्वारा बड़े ही हौसला अफजाई से प्रकाशित किया गया था। जिसमे बड़ी मसक्कत के बाद पड़ोसी और मोहल्ले वालो की मदद से किसानो ने रात को 1:00 बजे एक चोर को सोयाबीन चुराते हुए दबोचा था। जो कि अपने अन्य साथियों के साथ सोयाबीन बोरों में भर रहा था। जबकि उसके चार अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब हुए थे। किसानों ने रात में ही चोर और उसके साथ चोरी में उपयोग की गई एक मोटरसाइकिल क्रमांक MP- 11 – ZF – 9247 एवं मोबाइल फोन को पुलिस चौकी ले जाकर पुलिस के हवाले कर दिया था।

दसई पुलिस ने किसानों द्वारा हाथ मे चोर सोपने के बाद आज लगभग पांच दिन होने के पश्चात दो लोगों को और पकड कर इस मामले में आरोपीत बनाया है।

क्या कहते है जिम्मेदार —

आर सी डामोर चौकी प्रभारी दसई द्वारा बताया गया कि पुलिस ने सोयाबीन चोरी के मामले में अभी तक तीन आरोपी राकेश पिता सोमाजी डामर उम्र 20 वर्ष, सुरेश पिता कालू कटारा जाति भील उम्र 25 वर्ष, राकेश पिता मांगीलाल निनामा जाति भील उम्र 30 वर्ष, सभी निवासी दसाई को गिरफ्तार कर धारा 303 (2) BNS मे प्रकरण दर्ज किया है। इनके पास से एक मोटर सयाकल क्रमांक MP 11 ZG 6663 जप्त कर ली गई है। बचे हुए चोरों को पकड़ने के लिए हमारी टीम काम कर रही है।

आरोपितों द्वारा बताएं अनुसार बेची गई चोरी की सोयाबीन निलेश पिता अनिल (सियाल) जैन के घर से तीन बोरी व राकेश के घर से चार बोरी भी पुलिस द्वारा बरामद कर ली गई है। चोरी की सोयाबीन खरीदने वाले निलेश पिता अनिल सियाल उर्फ जैन के ऊपर प्रकरण दर्ज करने पर वरिष्ठ अधिकारियों से विचार विमर्श चल रहा है।

पुलिस द्वारा बताए गए मामले के अनुसार यह साफ तौर पर साबित होता है कि, चोरी का माल खरीदने वाले जैन को बचाने के लिए कहीं ना कहीं पुलिस अपने हथकंडे अपना रही है। पुलिस की धीमी कार्रवाई से साफ नजर आता है कि पुलिस अनिल जैन को बचाने में लगी हुई है।

खबर का असर, खबर लगाने के बाद, पुलिस ने पकड़ा अन्य आरोपियों को !

विश्वसनीय सूत्रों की माने तो जैन के द्वारा पूर्व में भी कई बार चोरी का माल खरीदा गया है। यह बात साफ हो गई है कि आसपास क्षेत्र के चोरी के माल को खरीदने में जैन की अहम भूमिका रहती है। जैन द्वारा चोरी किए गए माल को कम दाम में खरीदा जाता है और चोरों की मदद की जाती है। उक्त खरीददार जैन को भी चोरी की वारदात में सहयोगी बनाकर उसे पर भी कार्रवाई की जाना चाहिए।

संपादक- श्री कमल गिरी गोस्वामी

>
error: MADHYABHARAT LIVE Content is protected !!