दिग्ठान मामला: सागौर पुलिस और चौकी की कार्यप्रणाली पर सवाल; क्या रसूखदारों के दबाव में दबा दी गई युवक की ‘आखिरी चीख’?
धार। जिले के सागौर थाना अंतर्गत दिग्ठान चौकी के ग्राम गुलवा में एक युवक की मौत का मामला अब पुलिस प्रशासन की साख पर सवाल खड़ा कर रहा है। मृतक मनोज सोलंकी (पिता गोकुल सोलंकी) की मौत हुए करीब 45 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस ने अब तक उन आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज नहीं किया है, जिनका नाम उसने मरने से पहले अपने सुसाइड नोट में स्पष्ट रूप से लिखा था।
सुसाइड नोट में लिखा- ‘शादी के बाद भी प्रेमी से मिलती थी पत्नी’
मृतक मनोज ने अपने सुसाइड नोट में रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे किए थे। उसने आरोप लगाया था कि नवंबर 2025 में हुई उसकी शादी के बाद से ही पत्नी का मोधाला निवासी शुभम कछावा से प्रेम प्रसंग जारी था। जब उसने विरोध किया, तो आरोपियों ने उलटा मनोज पर ही नशे और दहेज प्रताड़ना के झूठे आरोप लगाकर उसे समाज में जलील किया। मनोज ने लिखा था कि उसे जेल भेजने की धमकियां दी जा रही थीं, जिससे तंग आकर उसने यह कदम उठाया।
पुलिस की चुप्पी: आखिर किसके दबाव में है जांच?
आमतौर पर सुसाइड नोट में नामजद आरोपियों पर तत्काल कार्रवाई होती है, लेकिन ग्राम गुलवा के इस मामले में 45 दिन का लंबा समय बीत जाना दिदिग्ठान सागौर पुलिस की भूमिका को संदिग्ध बना रहा है।
- सवाल 1: जब मनोज ने साक्ष्यों (चैट और रिकॉर्डिंग) का जिक्र किया था, तो पुलिस ने अब तक उनकी जांच क्यों नहीं की?
- सवाल 2: आरोपियों को अब तक गिरफ्तार करना तो दूर, उन पर FIR तक क्यों नहीं हुई?
- सवाल 3: क्या मृतक के परिवार को न्याय दिलाने के बजाय मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है?
परिजनों में आक्रोश: न्याय के लिए भटक रहा परिवार
मृतक के परिजनों का कहना है कि सुसाइड नोट में सासू-ससुर, पत्नी और प्रेमी शुभम कछावा को मनोज की मौत का जिम्मेदार बताया गया है। “45 दिन से हम थाने और चौकी के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हमारी सुनवाई नहीं हो रही। पुलिस आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है।”
“मामले की जांच जारी है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।”
— प्रशासनिक रटा-रटाया जवाब (जो परिजनों को 45 दिनों से मिल रहा है)
सुसाइड नोट की जांच के लिए गया था। हैंडराइटिंग एक्सपर्ट जांच होने के बाद हमें सूचना प्राप्त हो गई है। हमारे यहां से जांच कर्ता अधिकारी जांच लेने के लिए गए हुए हैं। जल्दी ही मामले में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। अजीत सिंह पवार, चौकी प्रभारी दिग्ठान।
मध्यभारत लाइव न्यूज विचार —
अगर एक सुसाइड नोट, जिसमें साफ तौर पर नाम और वजह लिखी हो, वह भी कार्रवाई के लिए पर्याप्त नहीं है, तो आम आदमी न्याय की उम्मीद किससे करे? सागौर पुलिस की यह लेटलतीफी कहीं किसी बड़े हादसे या उग्र जन-आंदोलन को निमंत्रण न दे दे।
संपादक- श्री कमल गिरी गोस्वामी
KAMALGIRI GOSWAMI
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संचालक एवं संपादक: कमलगिरी गोस्वामी, 18 वर्ष से अधिक का दीर्घकालीन पत्रकारिता अनुभव। पत्रकारिता कार्यक्षेत्र – वर्ष 2008 में फोटो पत्रकार से सुरुवात एवं 2011 में सिटी रिपोर्टर के रूप में कार्य किया। वर्ष 2016 में अख़बार और न्यूज़ चैनल में जिला ब्यूरो के रूप में कार्य किया। संचालक एवं संपादक, मध्यभारत लाइव न्यूज़ (वर्ष 2018 से निरंतर)।
Director and Editor: Kamalgiri Goswami, with over 18 years of experience in journalism. Field of work: Started as a photojournalist in 2008 and worked as a city reporter in 2011. Worked as a district bureau chief for newspapers and news channels in 2016. Director and Editor, Madhya Bharat Live News (since 2018).

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