धार। जहां एक और जिला पुलिस अधीक्षक राह से भटके हुए लोगों को अपराधिक प्रवृत्ति का कार्य छोड़कर उन्हें सद्मार्ग पर, सही रास्ते पर लाने के लगातार प्रयास कर रहे हैं, वहीं धार की पुलिस उन प्रयासों पर पलीता लगाती नजर आ रही है।
क्या होगा जब रक्षक ही बन गए भक्षक —
आम जनता जब परेशान या प्रताड़ित होती है तब पुलिस के पास जाती है, पर वहीं अगर पुलिस ही गलत राह पर चले और बेगुनाह लोगों को परेशान करती रहे तो कैसे काम चलेगा। पुलिस बेगुनाह लोगों को दो-दो दिन पैसे के लेनदेन और वसूली के लिए थाने में बिठाने के बाद 151 की कार्यवाही करती है, क्या यह सही है ?
हाल ही के ताजा मामले में एक व्यक्ति को 24 घंटे से अधिक थाने पर बिठा रखा। बड़ा लेनदेन होने के उपरांत उस पर 151 के तहत कार्यवाही करते हुए न्यायालय प्रस्तुत किया गया।
गौर तलब है कि हम लगातार खबरें प्रकाशित कर रहे हैं कि पुलिस थाने में जाने के बाद बगैर लेनदेन के कोई कार्य नहीं होता, इन खबरों प्रकाशन के बाद भी लगातार पैसे की गोता खोरी जारी है। हाल ही के ताजा मामले में करीब 17000 रुपए का लेनदेन हुआ है। इतनी बड़ी रकम के लेनदेन के बाद भी व्यक्ति को थाने से नहीं छोड़ा गया। उस पर 151 की कार्यवाही करते हुए उसे न्यायालय प्रस्तुत किया गया। न्यायालय प्रस्तुत करने के बाद उसे जेल भेजा गया।
हालांकि हम इस खबर को प्रमाणित नही करते, लेकिन विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार थाने में 17 हजार का लेनदेन हुआ।

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