16/01/2026

madhyabharatlive

Sach Ke Sath

अनाथ छात्राओं को चुनकर निशाना बनाता था भोपाल का जेहादी गिरोह।

भोपाल। भोपाल के टीआइटी कॉलेज से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक जिहादी गिरोह ने हिंदू छात्राओं को प्लानिंग से निशाना बनाकर दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग की वारदातों को अंजाम दिया।

जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह ऐसी लड़कियों को चुनता था, जिनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति कमजोर थी। पांच पीड़ित छात्राओं ने इस मामले में एफआइआर दर्ज कराई है, जिनमें से तीन के माता-पिता का निधन हो चुका है।

मुख्य आरोपित फरहान ने भावनात्मक समर्थन का झांसा देकर इन लड़कियों को अपने जाल में फंसाया और फिर दुष्कर्म के बाद वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया।

भावनात्मक जाल में फंसाने की साजिश —

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का मुख्य आरोपित फरहान पीड़िताओं की निजी जिंदगी की जानकारी हासिल कर उनके साथ दोस्ती करता था। एक पीड़िता ने बताया कि वह बचपन में अपने माता-पिता को खो चुकी थी। रिश्तेदारों की मदद से टीआइटी कॉलेज में दाखिला लिया था।

फरहान ने उसकी कमजोरियों का फायदा उठाते हुए दोस्ती का हाथ बढ़ाया। धीरे-धीरे उसे अपने जाल में फंसाया। वह उसे घूमाने और होटलों में ले जाता था, जहां उसके अन्य साथी भी मौजूद रहते थे। एक अन्य पीड़िता ने बताया कि फरहान ने उसके साथ दुष्कर्म किया। वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी।

कमजोर स्थिति वाली लड़कियों को बनाया निशाना —

जांच से पता चला कि यह गिरोह जानबूझकर ऐसी हिंदू छात्राओं को चुनता था, जिन्हें आसानी से काबू किया जा सके। ग्रामीण पृष्ठभूमि या अनाथ लड़कियों को भावनात्मक सहारे का लालच देकर फंसाया जाता था।

किराये के मकान में रहने वाली इन छात्राओं पर परिवार की निगरानी कम होती थी, जिसका फायदा गिरोह उठाता था। जांच अधिकारियों का कहना है कि गिरोह ने इन लड़कियों की जानकारी प्लानिंग से जुटाई, जिसमें कॉलेज प्रशासन के कुछ लोगों की मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है।

प्लानिंग अपराध का पैटर्न —

पुलिस के अनुसार इस गिरोह का काम करने का तरीका पूरी तरह सुनियोजित था। संभावना है कि पहले से शिकार बनी लड़कियां भी नई छात्राओं की जानकारी गिरोह को देती थीं। यह गिरोह कॉलेज में नए दाखिल होने वाली छात्राओं की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का पता लगाकर उन्हें निशाना बनाता था।

जांच में यह भी सामने आया कि फरहान और उसके साथी पीड़िताओं को अकेलेपन का एहसास कराकर उनके करीब आते थे। उसके बाद अपराध को अंजाम देते थे।

आगे की जांच जारी —

पुलिस इस मामले में गहन जांच कर रही है और कॉलेज प्रशासन से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। यह मामला न केवल कॉलेजों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है, बल्कि समाज में ऐसी कमजोर लड़कियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करता है।

संपादक- श्री कमल गिरी गोस्वामी

>
error: MADHYABHARAT LIVE Content is protected !!

Subscribe