सरदारपुर/धार। (धर्मेंद्र श्रीवास्तव) जिले की सरदारपुर व्रत अंतर्गत आबकारी विभाग का राम राज्य जारी है। आबकारी विभाग की लापरवाही एवं उदासीनता के चलते सरदारपुर तहसील के अंतर्गत अवैध शराब बिक्री चरम पर है।
शराब ठेकेदारों का भी आलम यह है कि वह आबकारी विभाग की मिलीभगत से खुलेआम थोक में गाड़ियां भर-भर के ग्रामीण क्षेत्रों में शराब पहुंचा रहे हैं।
आबकारी विभाग की लापरवाही व उदासीनता के चलते सरदारपुर के शराब ठेकेदारों ने ग्रामीण क्षेत्रों में सब ठेके डाल दिए हैं या उनकी भासा में यूं कहें कि ग्रामीण क्षेत्रों में डायरियां बनाकर दे दी हैं। उन डायरीयों पर शराब ठेकेदारों की ओर से एक लाइसेंस जारी कर दिया गया है जो कि अवैध हैं।
इस प्रकार के लाइसेंस या डायरी की अनुमति आबकारी अधिनियम के अंतर्गत नहीं होती है, सिर्फ और सिर्फ लाइसेंसी शराब दुकान से ही शराब बेची जा सकती हैं। बावजूद इसके लापरवाह विभाग कुंभकरण की नींद सोए हुए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों का यह आलम है कि हर छोटी बड़ी किराने की दुकान पर आसानी से शराब बिक रही है, या तो वह शराब ठेकेदारो द्वारा डायरी बनाकर बेचीं जाती है या फिर अवैध शराब विक्रेता उन्हें घर पहुंच सेवा देते हैं।
क्या कहते है जिम्मेदार —
इस संबंध में जब हमारे संवाददाता द्वारा आबकारी व्रत अधिकारी मनोज अग्रवाल से संपर्क किया गया तब उन्होंने कॉल उठाना उचित नहीं समझा।

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