एमपी में सरकारी नौकरी पाना हुआ आसान… अब 15 परीक्षाओं की जगह होंगी केवल 3 पात्रता परीक्षाएं।
भोपाल। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) ने भर्ती परीक्षाओं के पैटर्न में महत्वपूर्ण बदलाव करने की तैयारी शुरू कर दी है। नए नियमों के तहत अब ईएसबी की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में मध्यप्रदेश के सामान्य ज्ञान का महत्व बढ़ाया जाएगा। इसके लिए 100 अंकों की परीक्षा में 25 प्रश्न मध्यप्रदेश के सामान्य ज्ञान, राजव्यवस्था और शासकीय योजनाओं से संबंधित पूछे जाएंगे। वहीं गणित और रीजनिंग विषयों के प्रश्नों की संख्या पहले की तुलना में कम कर दी जाएगी।
ईएसबी ने इसके लिए कनिष्ठ सेवा संयुक्त परीक्षा नियम-2026 का मसौदा तैयार किया है। नए नियमों के अनुसार परीक्षा पैटर्न को प्रदेश के युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए संशोधित किया गया है। पहले भर्ती परीक्षाओं में मध्यप्रदेश सामान्य ज्ञान से केवल 10 प्रश्न पूछे जाते थे, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़ाकर 25 कर दी गई है।
मध्य प्रदेश से जुड़े विषयों पर रहेगा विशेष फोकस —
नए परीक्षा पैटर्न में मध्यप्रदेश का भूगोल, इतिहास, राजनीति, अर्थव्यवस्था और विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित प्रश्नों को प्रमुखता दी जाएगी। इससे प्रदेश के अभ्यर्थियों को प्रदेश के स्थानीय जानकारी का लाभ मिल सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य से जुड़े विषयों की बेहतर समझ रखने वाले युवाओं को अधिक अवसर मिलेंगे।
15 भर्ती परीक्षाओं की जगह होंगी तीन पात्रता परीक्षाएं —
नए नियमों के तहत ईएसबी द्वारा आयोजित की जाने वाली लगभग 15 अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं के स्थान पर अब केवल तीन पात्रता परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इन परीक्षाओं में प्राप्त स्कोर के आधार पर विभिन्न विभागों में भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी। शासन ने नियमों के मसौदे पर आम नागरिकों और अभ्यर्थियों से पांच जून तक सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं। प्रस्तावित नियम एक अक्टूबर से लागू होंगे और वर्ष 2013 के पुराने नियमों का स्थान लेंगे।
तकनीकी और इंजीनियरिंग परीक्षाओं का पैटर्न भी बदला —
ईएसबी ने तकनीकी और इंजीनियरिंग पदों की भर्ती परीक्षाओं के स्वरूप में भी बदलाव किया है। अब इन परीक्षाओं में मध्यप्रदेश सामान्य ज्ञान, कंप्यूटर ज्ञान, तार्किक योग्यता तथा संबंधित तकनीकी विषयों से प्रश्न पूछे जाएंगे। यहां भी गणित और रीजनिंग के प्रश्नों का अनुपात कम किया गया है।
ये होंगी तीन नई पात्रता परीक्षाएं —
- संयुक्त सामान्य पात्रता परीक्षा में 100 प्रश्न होंगे, जिन्हें चार बराबर भागों में विभाजित किया जाएगा। इसमें सामान्य ज्ञान एवं समसामयिक घटनाएं, मध्यप्रदेश सामान्य ज्ञान, राजव्यवस्था एवं शासकीय योजनाएं, गणित, तार्किक योग्यता, डाटा विश्लेषण, कंप्यूटर ज्ञान और भाषा ज्ञान से जुड़े प्रश्न शामिल होंगे।
- संयुक्त तकनीकी पात्रता परीक्षा में 25 प्रश्न मध्यप्रदेश सामान्य ज्ञान, राजव्यवस्था और सरकारी योजनाओं से होंगे, जबकि 75 प्रश्न संबंधित तकनीकी विषयों से पूछे जाएंगे। इसमें कृषि, विज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान, सिविल इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स सहित 15 विषय शामिल किए गए हैं।
- शिक्षक पात्रता परीक्षा स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों की भर्ती के लिए आयोजित की जाएगी।
स्कोर कार्ड रहेगा भर्ती का आधार —
ईएसबी इन परीक्षाओं के परिणाम परसेंटाइल स्कोर के रूप में घोषित करेगा। निर्धारित न्यूनतम अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को स्कोर कार्ड जारी किया जाएगा। सामान्य और तकनीकी पात्रता परीक्षाओं का स्कोर कार्ड परिणाम घोषित होने वाले वर्ष के बाद दो वर्षों की 31 दिसंबर तक, यानी लगभग ढाई वर्ष तक मान्य रहेगा। वहीं शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों की पात्रता आजीवन बनी रहेगी, लेकिन विभागीय भर्ती में उनका स्कोर कार्ड भी केवल ढाई वर्ष तक ही मान्य होगा।
सिलेबस में बदलाव की तैयारी है। अब परीक्षाओं में अभ्यर्थियों से मध्य प्रदेश से संदर्भित प्रश्न भी पूछे जाएंगे। यह लगभग 25 होंगे। इस व्यवस्था परिवर्तन को लेकर सुझाव आमंत्रित किए गए हैं, जिसके बाद इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा। – अजय कटेसरिया, संचालक, ईएसबी।
साभार नै दुनिया


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