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The sword will remain hanging even after promotion, demotion can also happen on the basis of confidential report (ACR)!

The sword will remain hanging even after promotion, demotion can also happen on the basis of confidential report (ACR)!

प्रमोशन के बाद भी लटकी रहेगी तलवार, गोपनीय रिपोर्ट (ACR) के आधार पर डिमोशन भी हो सकता है !

भोपल। मध्य प्रदेश गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने ‘मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025’ के तहत पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर नियमित प्रमोशन के आदेश जारी किए हैं। सालों से रुकी इस प्रक्रिया के शुरू होने से थाना प्रभारियों (निरीक्षक/टीआई) और अन्य पुलिसकर्मियों को बड़ी राहत मिली है। वहीँ पदोन्नति से सभी परिवार में हर्ष का माहौल व्याप्त है। 

थाना प्रभारियों (Inspectors) का DSP पद पर प्रमोशन —

  • 374 निरीक्षकों को पदोन्नति: गृह विभाग ने सूची जारी कर प्रदेश के 374 पुलिस निरीक्षकों (TI/थाना प्रभारियों) को स्थायी रूप से DSP (उप पुलिस अधीक्षक) पद पर प्रमोट किया है। जिसमे धार से आनंद तिवारी, विश्वदीप सिंह परिहार सहित कई थाना प्रभारियों के नाम शामिल है।
  • विभिन्न विंगों को भी लाभ: इसमें फील्ड ड्यूटी पर तैनात 261 निरीक्षकों के साथ-साथ विशेष सशस्त्र बल (SAF) के 54 और 30 रक्षित निरीक्षकों (RI) को भी डीएसपी बनाया गया है।
  • कार्यवाहक प्रभार रहेगा सुरक्षित: पीएचक्यू ने साफ किया है कि जो अधिकारी इस सूची में नियमित प्रमोट नहीं हो पाए हैं, वे फिलहाल अपने उच्च पद के कार्यवाहक प्रभार पर काम करते रहेंगे।

उपनिरीक्षकों (SI) का निरीक्षक (Inspector) पद पर बंपर प्रमोशन —

  • 1029 अधिकारियों को प्रमोशन: पुलिस मुख्यालय (PHQ) ने एक और ऐतिहासिक आदेश जारी कर 1,029 सब इंस्पेक्टरों (SI) और कार्यवाहक निरीक्षकों को अस्थाई रूप से निरीक्षक/थाना प्रभारी के पद पर प्रमोट किया है। इन्हें पे-मेट्रिक्स लेवल-10 का वेतनमान दिया जाएगा। इस प्रमोशन में धार के अशोक लहरी सहित कई उप निरीक्षक को निरक्षक पद पर पदोन्नति मिली है। 

नए नियम और योग्यता जांच (DPC)

  • नियमों में कड़ाई: नए पदोन्नति नियमों के तहत अधिकारियों की सालाना गोपनीय रिपोर्ट (ACR) और पात्रता मानदंडों की जांच के लिए विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की प्रक्रिया तेज हो गई है।
  • जिन कार्यवाहक अधिकारियों की पात्रता शर्तों या एसीआर रिपोर्ट में कमी मिलेगी, उनका कार्यवाहक प्रभार वापस भी लिया जा सकता है।
  • न्यायालय के अधीन: विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये सभी पदोन्नतियां माननीय सर्वोच्च न्यायालय में लंबित विशेष अनुमति याचिका के अंतिम फैसलों के दायरे में रहेंगी।
इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के कारण कई जिलों में एडिशनल एसपी (ASP) और डीएसपी स्तर के अधिकारियों के तबादले भी किए गए हैं।

संपादक- श्री कमल गिरी गोस्वामी

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