madhyabharatlive

Sach Ke Sath

Home » मध्यप्रदेश » आखिर क्यों नहीं थम रही शराब कारोबारियों पर हमले

पुरानी रंजिश को लेकर हमला, गंभीर धाराओं में आरोपियों पर केस दर्ज।

धार। आपको बता दे की कुछ दिनों पूर्व भी जेतपुरा शराब दुकान पर पथराव की घटना सामने आई थी। जिस पर धार नौगांव पुलिस के द्वारा प्रकरण दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालयीन अभी रक्षा में भेजा गया था। वहीं पिछले वर्ष की बात की जय तो शराब ठेकेदार के मैनेजर पर नगर के टीवीएस चौराहे पर जानलेवा हमला किया गया था। जिस पर धार कोतवाली पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जुलूस भी निकाला था।

ऐसा ही एक और सनसनीखेज मामला कल देर रात सामने आया है, जिसमें धार के शराब व्यवसायी के निवास पर पथराव एवं तोड़फोड़ की घटना सामने आई है। इस घटना को लेकर धार के कैलाश नगर में रहने वाले निवासियों में दहशत का माहौल व्याप्त हैं।

गौरतलब है कि शराब व्यवसायी के ऊपर हमला होना कहीं ना कहीं शराब विक्रय का ही मामला होता है। जिसको लेकर आरोपियों ने कैलाश नगर स्थित विकास सिंह ठाकुर के घर पर हमला बोल दिया और वहां पर पत्थर बाजी करते हुए गाड़ियों मैं भी तोड़फोड़ की गई।

घटना के बाद कोतवाली पुलिस एक्शन मोड़ में —

फरियादी विकास सिंह ठाकुर का आरोप है कि यह जानलेवा हमला पुरानी रंजिश का नतीजा है। विकास ठाकुर ने विशाल उर्फ सूरज ठाकुर और उसके साथियों पर इस हमले की साजिश का आरोप लगाया है। शिकायत कर्ता के अनुसार, आरोपियों को शक था कि विकास की दुकान के कर्मचारी पुलिस को गोपनीय सूचनाएं दे रहे हैं। हमलावरों ने पथराव के दौरान अश्लील गाली-गलौज भी की, घर से बाहर निकलने की चुनौती दी और यह धमकी भी दी कि यदि वे सरदारपुर क्षेत्र में दिखाई दिए, तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा।

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर वहां लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं, जिसमें बदमाशों की यह करतूत कैद हुई है। फरियादी की शिकायत पर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(1), 296(a), 125, 324(2), 351(2) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।

क्या है इस विवाद की जड़ —

इस पूरे विवाद की जड़ें पूर्व में हुए एक झगड़े से जुड़ी हुई हैं। पूर्व में 7 और 8 जुलाई की दरमियानी रात को सरदारपुर स्थित विकास ठाकुर की शराब दुकान और कार्यालय पर तोड़फोड़ की गई थी, जहां कर्मचारियों के साथ मारपीट और लूटपाट की घटना सामने आई थी। हालांकि, उस मामले में शिकायत दर्ज होने के बाद दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो गया था, लेकिन शांति की वह कोशिश नाकाम रही और कुछ ही दिनों बाद रंजिश ने इस बड़े हमले का रूप ले लिया।

पुलिस अब सरदारपुर कार्यालय के उस पुराने विवाद के पूरे बैकग्राउंड को गहराई से खंगाल रही है ताकि हमलावरों की सटीक पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

इस घटना के बाद क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए है ? आखिर एक रहवासी क्षेत्र में इस प्रकार की घटना कैसे घटित की जा सकती है।

संपादक- श्री कमल गिरी गोस्वामी

error: MADHYABHARAT LIVE Content is protected !!