40 लाख की सनसनीखेज नकबजनी का पर्दाफाश, राजस्थान का ‘सिकलीगर गिरोह’ गिरफ्तार।
धार। मध्य प्रदेश की धार पुलिस ने एक अंतरराज्यीय नकबजनी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बदनावर कस्बे में हुई एक बड़ी चोरी की गुत्थी को सुलझा लिया है। पुलिस ने राजस्थान के कुख्यात सिकलीगर गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 40 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात, मूर्तियां और नकदी बरामद करने में सफलता हासिल की है। पुलिस की इस मुस्तैदी ने हाईवे पर सक्रिय अपराधियों को एक कड़ा संदेश दिया है।
मामला बदनावर थाना क्षेत्र का है, जहां बीते 2 और 3 जून 2026 की दरमियानी रात को अज्ञात बदमाशों ने एक सूने मकान के मुख्य द्वार का ताला तोड़कर अलमारी में रखे आभूषण और नकदी पार कर दिए थे। शिकायत के बाद बदनावर पुलिस ने अपराध क्रमांक 287/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4) और 305(ए) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए धार पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने स्वयं मौके का मुआयना किया और आरोपियों की धरपकड़ के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया।
एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लेते हुए बदनावर, लेबड़, नयागांव और हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों और टोल प्लाजा के फुटेज का सूक्ष्म विश्लेषण किया। इस दौरान एक संदिग्ध कार की पहचान हुई, जो घटना के समय इलाके में देखी गई थी। मुखबिर की सटीक सूचना और लगातार निगरानी के आधार पर पुलिस टीम ने राजस्थान के डूंगरपुर जिले के गलियाकोट क्षेत्र में दबिश दी। वहां पुलिस ने घेराबंदी कर आलोक सिंह, बलवीर सिंह, पर्वत सिंह, भूरीबाई और अमर सिंह (सभी निवासी ग्राम गलियाकोट, थाना चितरी) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बदनावर में चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया, जिसके बाद उनके कब्जे से 300 ग्राम सोने के जेवरात, 2 किलोग्राम चांदी, सोने की मूर्तियां और 35,000 रुपये नकदी बरामद की गई।
इस पूरी बड़ी कार्यवाही में निरीक्षक अमित सिंह कुशवाह, उप निरीक्षक विजय मिश्रा, हिना जोशी, श्वेता प्रजापत, प्रशांत गुंजाल सहित जिला पुलिस बल रतलाम के सउनि प्रदीप शर्मा और अन्य पुलिसकर्मियों की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के पकड़े जाने से क्षेत्र में हाईवे और सीमावर्ती इलाकों में होने वाली नकबजनी की वारदातों पर लगाम लगेगी। फिलहाल मामले के दो अन्य आरोपी (लालउड़ उर्फ बली सिंह और महेन्द्र) अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। पुलिस जल्द ही वारदात में इस्तेमाल वाहन और शेष मशरूका बरामद करने का दावा कर रही है।

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