अफवाह के चलते पीडब्ल्यूडी भवन स्थित सरकारी इमामबाड़े पर बड़ी संख्या में पहुंचे मुस्लिम समाजजन, प्रशासन ने समझाइश देकर कराया शांत।
धार। राकेश साहू – शहर के पीडब्ल्यूडी भवन स्थित सरकारी इमामबाड़े के बाहर मंगलवार को गलतफहमी और सोशल मीडिया पर वायरल हुए भ्रामक संदेशों के कारण असमंजस की स्थिति निर्मित हो गई। बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के युवक, युवतियां एवं विभिन्न कॉलोनियों से समाजजन इमामबाड़ा परिसर के बाहर एकत्रित हो गए। करीब दो घंटे तक हंगामा और नारेबाजी का दौर चलता रहा।
बताया जा रहा है कि पूर्व में 20 अगस्त को न्यायालय के आदेश के बाद इमामबाड़े को सील कर दिया गया था। मंगलवार को संबंधित रिट पिटीशन की सुनवाई प्रस्तावित थी। इसी दौरान यह अफवाह फैल गई कि मोहर्रम को देखते हुए न्यायालय के आदेश के बाद इमामबाड़ा खोल दिया गया है। इस सूचना के चलते मोहर्रम पर्व के दौरान समाजजन मेहंदी की रस्म आयोजित करने के उद्देश्य से बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डाबर, दोनों थाना प्रभारियों, आरआई, एसडीएम, तहसीलदार सहित अन्य अधिकारियों ने मोर्चा संभाला और मौजूद लोगों को न्यायालयीन प्रक्रिया की जानकारी दी।
25 तारीख को होगी सुनवाई, अभी कोई निर्णय नहीं —
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मामले में अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है तथा आगामी 25 तारीख को सुनवाई होना प्रस्तावित है। उन्होंने लोगों से न्यायालय के आदेशों का सम्मान करने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की।
समझाइश के बाद भी लगे नारे, पुलिस ने किया हल्का बल प्रयोग —
प्रशासनिक समझाइश के बावजूद मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने “अल्लाहु अकबर” और “या हुसैन” के नारे लगाए। इसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और लोगों को वहां से हटाया। अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया।
संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ाई सुरक्षा, शहर में लगातार पेट्रोलिंग —
घटना के बाद शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस लगातार पेट्रोलिंग कर रही है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है।
प्रशासन की अपील, अफवाहों से बचें, न्यायालय के आदेशों का करें सम्मान —
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार के वायरल संदेश या अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें। न्यायालय के आदेशों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है तथा शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इमामबाड़े को लेकर जो भी निर्णय होगा, वह न्यायालय के आदेशों के अनुसार ही लागू किया जाएगा।


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