एसपी साहब थानों पर भी ध्यान दीजिए। आपकी व्यस्तता का फायदा उठा रहे ग्रामीण क्षेत्र के थाना प्रभारी, खुद के लाभ के चक्कर में गलत को सही साबित करने में लगे थाना प्रभारी व कर्मचारी, पत्रकारों को दे रहे धमकी।
आखिर क्यों जाना पड़ता SP के पास शिकायत करने ??
धार। जिला पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा एवं दोनो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर व पारुल बेलापुरकर लगातार जिले का भ्रमण कर, थानों के औचक निरीक्षण के साथ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। वहीं थानो की पुलिस इस पूरी मेहनत पर पानी फेर रही है।
आपको बता दें कि एक मामला मांडव थाने का संज्ञान में आया है, जहां पर पीड़ित के द्वारा अपने मकान का निर्माण किया जा रहा था। निर्माण के दौरान पड़ोसियों ने दबंगता दिखाते हुए जेसीबी मशीन से मकान ध्वस्त कर दिया। पीड़ित द्वारा डायल 112 को फोन लगाकर थाने पर ले जाया गया। थाना पुलिस ने दबंग के आगे नतमस्तक होते हुए एक नहीं सुनी। उसके उपरांत पीड़ित जवरलाल पिता शंकरलाल उम्र करीब 65 से 70 साल थाने से उदास होकर जिला पुलिस कप्तान के पास शिकायत करने पहुंचा।
करीब दो महापूर्व फरियादी पहुंचा था जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय —
जवरलाल के द्वारा 16 जून 2026 को शिकायत शाखा पुलिस अधीक्षक धार को एक लिखित शिकायत की गई थी। उसके उपरांत आज दिनांक तक मांडव थाना पुलिस के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। इतना ही नहीं आरोपी श्यामलाल के द्वारा दिनांक 5 अगस्त के दिन जब फरियादी जवरलाल अपने निर्माणाधीन मकान पर गिट्टी डालने पहुंचा तब आरोपी श्यामलाल व उसके भाई एवं लड़कों ने मिलकर जवरलाल व उसके लड़के को लहू- लूहान कर दिया। जवरलाल के लड़के का उपचार जिला चिकित्सालय में चला। आखिर पुलिस क्या चाहती है की जो जवरलाल 40 वर्षो से जिस मकान पर रह था उसे दबंगो दर छोड़ दे या उनसे लड़ाई करे और अपनी जान गंवा दे।
शिकायतकर्ता 40 वर्षों से अधिक समय से रह रहा था उक्त भूमि पर —
शिकायतकर्ता जवरलाल का कहना है कि वह उक्त भूमि पर विगत 40 वर्षों से अधिक समय से रह रहा था। उसके बच्चों की शादी भी उसने वहीं से की है। जिसके प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीण लोग हैं। जब वह उस पुराने मकान को तोड़कर मकान का निर्माण कार्य कर रहा था। तब श्यामलाल के द्वारा इस प्रकार की हरकत की गई और पुलिस श्यामलाल का सहयोग कर रही है। ओर कह रही है कि तू पत्रकार के कहने में मत चल वरना मारा जाएगा जिसकी रिकॉर्डिंग भी सुरक्षित है।
पुलिस कर्मचारी आधी रात को 12:00 बजे फोन लगा कर दे रहा धमकी —
माण्डव पुलिस थाने का एक पुलिस कर्मचारी फरयादी पक्ष को रात को 12:00 बजे फोन लगाकर खुलेआम धमकी दे रहा है। वह भी रिकॉर्डिंग सुरक्षित है। इसके पीछे क्या वजह है। यह तो मांडव पुलिस ही जानती है।

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