धार। मांडव थाना क्षेत्र के पनाला इलाके में कथित तौर पर खुलेआम और बेरोकटोक सट्टे का कारोबार संचालित होने के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि सट्टा संचालकों के प्रभाव के चलते आम नागरिकों की शिकायतों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बताया जा रहा है कि पनाला, मेहंदीखेड़ी सहित आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से सट्टा गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें हैं। आरोप है कि कुछ मामलों में पुलिस द्वारा आम लोगों की शिकायतों को अपेक्षित गंभीरता से नहीं लिया जाता, जबकि सट्टा कारोबार से जुड़े लोगों का प्रभाव अधिक दिखाई देता है।
हाल ही में मकान निर्माण से जुड़े एक विवाद में भी मांडव थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। विवादित क्षेत्र पनाला और मेहंदीखेड़ी के अंतर्गत आने के कारण मामले को लेकर स्थानीय लोगों में चर्चा है कि क्या सट्टा कारोबार से जुड़े लोगों के प्रभाव का इस प्रकरण पर भी कोई असर रहा?
राजनीतिक संरक्षण के भी आरोप —
विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि क्षेत्र में सट्टा कारोबार से जुड़े कुछ लोगों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। इनमें से कुछ लोग कथित तौर पर स्वयं को विधायक प्रतिनिधि बताते हैं।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या वास्तव में सट्टा कारोबार को किसी राजनीतिक संरक्षण का लाभ मिल रहा है?
इन आरोपों पर संबंधित पुलिस अधिकारियों और विधायक पक्ष का आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है। यदि आरोप निराधार हैं तो पुलिस और जनप्रतिनिधियों की ओर से स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए, ताकि आम जनता के बीच बनी शंकाओं का समाधान हो सके।

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