madhyabharat live

Sach Ke Sath

Home » मध्यप्रदेश » मां बाघेश्वरी के दरबार में पवार परिवार ने लिया विशेष चोला श्रृंगार व आरती का लाभ

मां बाघेश्वरी के दरबार में पवार परिवार ने लिया विशेष चोला श्रृंगार व आरती का लाभ

शारदीय नवरात्रि चतुर्थी पर अशोक पॅंवार,स्व.कन्हैयालाल पॅंवार सपरिवार पहुंचे मंदिर; श्रद्धा और उत्साह के साथ पूजा अर्चना महाआरती व प्रसाद वितरण किया में हुए।

कुक्षी/धार। (लक्की जाजू) बाघ नगर के समीप स्थित प्रसिद्ध एवं प्राचीन श्री मां बाघेश्वरी देवी मंदिर में शारदीय नवरात्रि पर्व बड़ी धूमधाम और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। प्रतिदिन माता रानी के दिव्य दर्शन के लिए सैकड़ों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इसी कड़ी में शारदीय नवरात्रि की चतुर्थ तिथि (बुधवार) का दिन अत्यंत विशेष और भक्तिमय रहा, जब नगर के मुख्य यजमान परिवार अशोक स्व. श्री कन्हैयालाल पॅंवार ने माता रानी का विशेष चोला श्रृंगार करवाकर धर्म लाभ अर्जित किया।

पंवार परिवार का अनुकरणीय भक्तिभाव और सेवा समर्पण —

नवरात्रि के पावन अवसर पर पंवार परिवार ने मां बाघेश्वरी जी के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा प्रकट करते हुए माता जी के दिव्य चोला श्रृंगार पूजा अर्चना आरती व प्रसाद वितरण का सौभाग्य प्राप्त किया। चोला श्रृंगार के भव्य दर्शन कर सभी श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। इसके पश्चात परिवार ने अपने इष्ट-मित्रों, स्वजनों तथा समाजजनों के साथ सपरिवार मंदिर परिसर में आयोजित भव्य महाआरती में सहभागिता की और माता रानी का आशीर्वाद लिया।

महाआरती के उपरांत पॅंवार परिवार की ओर से उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने उपस्थित होकर धर्म लाभ उठाया। पवार परिवार के इस धार्मिक आयोजन व भक्तिमय योगदान की पूरे क्षेत्र में सराहना की जा रही है।

पांडव कालीन मंदिर में उमड़ रहा श्रद्धालुओं का जनसैलाब —

मंदिर के छोटे पुजारी पंडित सिद्धार्थ राम शर्मा ने बताया कि मां बाघेश्वरी देवी का मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना पांडव कालीन अति प्राचीन मंदिर है। यहाँ लगातार 12 पीढ़ियों से शर्मा परिवार वंशानुगत सेवा करता आ रहा है।

मन्नतें होती हैं पूरी: पंडित शर्मा ने बताया कि माता रानी के दरबार से कोई खाली हाथ नहीं लौटता। विशेषकर जिन दंपतियों की गोद सूनी रहती है, उन्हें नवरात्रि में माता रानी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है और संतान सुख की प्राप्ति होती है।
दूर-दराज से आ रहे भक्त: माता जी के प्रति भक्तों में इतनी अटूट श्रद्धा है कि क्षेत्र के निमाड़ अंचल के साथ-साथ महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों से भी श्रद्धालु तुला दान (फल, अनाज, मिठाई, श्रीफल) व चोला अर्पण के लिए आ रहे हैं।

अष्टमी पर होगा भव्य हवन व पूर्णाहुति —

मंदिर में आगामी अष्टमी की रात्रि को विद्वान आचार्यों के सानिध्य में शुद्ध घी एवं समिधा से महाहवन किया जाएगा। नवमी की सुबह पूर्णाहुति के पश्चात कन्या भोज, ब्राह्मण भोज और सम्मान समारोह के साथ नवरात्रि महोत्सव का समापन होगा।

संपादक- श्री कमल गिरी गोस्वामी

error: MADHYABHARAT LIVE Content is protected !!