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साख का सवाल बन चुका हत्या का मामला, पुलिस की थ्योरी बनाम ग्रामीणों का दावा: ‘काले कारोबार’ की खींचतान

विकास कायत हत्याकांड: पुलिस थ्योरी खारिज, अवैध केमिकल और डीजल के ‘काले साम्राज्य’ से जुड़े हत्या के तार; परिजनों ने घेरा हाईवे, बुलडोजर कार्रवाई की मांग

धार। जिले के ग्राम गुणावद में हुए विकास कायत हत्याकांड ने अब एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मोड़ ले लिया है। इस निर्मम हत्या के बाद से पूरे क्षेत्र में आक्रोश की अग्नि सुलग रही है। सादलपुर पुलिस की शुरुआती जांच और थ्योरी को ग्रामीण, पीड़ित परिजन और समाज जनों ने सिरे से खारिज कर दिया है। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि पुलिस इस मामले को सामान्य विवाद बताकर असली वजह पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है। न्याय की मांग को लेकर परिजनों और हिंदू संगठनों ने आंदोलन तेज कर दिया है, जिससे प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं।

पुलिस की थ्योरी बनाम ग्रामीणों का दावा: ‘काले कारोबार’ की खींचतान —

सादलपुर पुलिस ने शुरुआत में इस वारदात को ‘पुरानी रंजिश और होटल पर हुआ आपसी विवाद’ करार दिया था। लेकिन समाज जनों और ग्रामीणों ने इस दावे को पूरी तरह नकार दिया है। ग्रामीणों का स्पष्ट और सीधा आरोप है कि यह कोई मामूली रंजिश या तात्कालिक विवाद नहीं है, बल्कि इस क्षेत्र में लंबे समय से फल-फूल रहे जहरीले केमिकल और अवैध डीजल के काले कारोबार की आपसी खींचतान का नतीजा है।
इस दावे को तब और मजबूती मिली जब कल देर शाम आक्रोशित ग्रामीणों ने खुद कमान संभाली और ग्राम गुणावद में राष्ट्रीय राजमार्ग पर घेराबंदी कर केमिकल से भरे दो संदिग्ध पिकअप वाहनों को रंगे हाथों पकड़ लिया। ग्रामीणों का कहना है कि यह अवैध धंधा बड़े स्तर पर संचालित हो रहा है और विकास की हत्या इसी अवैध साम्राज्य के छिपे हुए राजों से जुड़ी हो सकती है।

पीड़ित पक्ष पर ही केस! भड़के हिंदू संगठन, SP और कलेक्टर को ज्ञापन —

मामले में नया मोड़ तब आया जब ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। आरोप है कि पुलिस निष्पक्ष जांच करने के बजाय उल्टा पीड़ित पक्ष और समाज के लोगों पर ही केस दर्ज कर उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास कर रही है।
पुलिस की इस संदेहास्पद कार्यप्रणाली के विरोध में आज सोमवार को विभिन्न हिंदू संगठनों और समाज के सैकड़ों लोग एकजुट होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने जिला कलेक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक (SP) को एक लिखित ज्ञापन सौंपकर पुलिसिया कार्रवाई पर गहरा रोष जताया। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की जाए, साथ ही पीड़ित परिवार को प्रताड़ित करना तुरंत बंद किया जाए।

इंदौर-अहमदाबाद फोरलेन पर चक्काजाम, ‘बुलडोजर न्याय’ की मांग

विकास की निर्मम हत्या से गुस्साए परिजनों और प्रदर्शनकारियों ने शव को इंदौर-अहमदाबाद फोरलेन हाईवे पर रखकर तिरुपति चौपाटी पर चक्काजाम कर दिया। इस चक्काजाम के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
प्रदर्शनकारियों और परिजनों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
  • मुख्य आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी: हत्या के पीछे शामिल सभी मुख्य चेहरों और साजिशकर्ताओं को बिना किसी देरी के गिरफ्तार किया जाए।
  • अवैध निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई: जिस ढाबे पर यह पूरा घटनाक्रम हुआ, उसके संचालक और आरोपियों द्वारा किए गए कथित अवैध निर्माणों और होटलों को जिला प्रशासन तत्काल जमींदोज (बुलडोजर कार्रवाई) करे।
  • अवैध धंधों का खात्मा: क्षेत्र में चल रहे केमिकल और डीजल के अवैध अड्डों को हमेशा के लिए बंद किया जाए।

स्थिति तनावपूर्ण, प्रशासन अलर्ट —

घटना के बाद से ही गुणावद और आसपास के इलाकों में स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण बनी हुई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। ग्रामीण और समाज जन आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं और उनका साफ कहना है कि जब तक आरोपियों के अवैध निर्माणों पर बुलडोजर नहीं चलेगा और निष्पक्ष जांच का ठोस आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन थमेगा नहीं।
प्रशासन के लिए अब यह मामला कानून-व्यवस्था के साथ-साथ साख का सवाल बन चुका है, क्योंकि जनता का भरोसा स्थानीय पुलिस प्रणाली से पूरी तरह उठता हुआ दिखाई दे रहा है।

संपादक- श्री कमल गिरी गोस्वामी

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