धार। जहां एक और मध्य प्रदेश शासन के द्वारा सभी जिला पुलिस अधीक्षक एवं जिला कलेक्टर को अवैध कारोबारीयों पर शिकंजा कसने के शख्त निर्देश जारी किए हुए हैं। वहीं धार जिला पुलिस अधीक्षक भी दलबल के साथ मैदान में डटे हुए हैं।
हाल ही कि कार्यवाही को देखा जाए तो जिला पुलिस अधीक्षक की टीम ने संपूर्ण धार जिले के अंदर सटोरियों पर सैकड़ो प्रकरण दर्ज कर हजारों रुपए का राजस्व जमा किया।
वहीं जिला पुलिस अधीक्षक की इस कामयाबी को पलीता लगाते उन्हीं के विभाग के कुछ चौकी प्रभारी जो सटोरियों से खुलेआम रिश्वत लेते हुए देखे गए। जी हां हम बात कर रहे हैं, धार जिले के गंधवानी तहसील अंतर्गत जीराबाद चौकी की। जहां पर आज चौकी प्रभारी एक सटोरिया से ₹50000 की रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद हुआ।
पुलिस की यह कार्य प्रणाली इस बात की ओर इशारा कर रही है कि जिले में जितने भी अवैध धंधे संचालित हो रहे हैं, उनमें कहीं ना कहीं किसी न किसी प्रकार से पुलिस की मिली भगत सामने आ रही है। इसी मिली भगत को लेकर के अवैध धंधे बाजो के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।
आपको बता दे कि जिले में ऐसी कई वारदातें हो चुकी है, जहां पर अवैध धंदेबाज या यूं कहें कि शराब माफिया या जुआ सट्टा संचालन करने वालों ने कई मर्तबा पुलिस एवं पत्रकारों पर हमले भी किए हैं।
अब देखना होगा कि आज खुलेआम एक सट्टा संचालक से ₹50000 की रिश्वत लेते पाए जाने पर चौकी प्रभारी के ऊपर जिला पुलिस अधीक्षक क्या कार्रवाई करते हैं।
क्या कहते हैं जिम्मेदार-
उक्त संबंध में जब हमारे संवाददाता ने अनुविभागी अधिकारी पुलिस मनावर से फोन पर चर्चा की तो उन्होंने बताया कि इस संबंध में अभी ज्यादा चर्चा नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के सूचना मिली है। चौकी प्रभारी अनूप बघेल से फोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह ड्राइवर था और कुछ पैसों का लेनदेन था। मनावर एसडीओपी धीरज बब्बर।

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