madhya bharat live

Sach Ke Sath

Home » मध्यप्रदेश » रक्षक ही बने भक्षक; पत्रकार का मकान तोड़ने की सहित NSA में फसाने की धमकी

1 वर्ष पुराने विवाद ने फिर पकड़ी सुर्खियां….पत्रकार को कथित धमकी का मामला पहुंचा अदालत तक, धामनोद के पूर्व थाना प्रभारी के विरुद्ध अभियोजन चलाने का आदेश।

पत्थरबाजी की सूचना देने वाले पत्रकार ने लगाया था NSA और मकान तोड़ने की धमकी का आरोप।

पत्रकार विजय सिंघल को धमकाने के मामले में, धामनोद के पूर्व TI संतोष दूधी पर धरमपुरी कोर्ट सख्त, धारा 351(3) BNS के तहत, अपराधिक प्रकरण दर्ज करने का आदेश।

धामनोद/धार। (दिव्येश सिंघल) मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग के नए गणपति घाट पर हो रही पत्थरबाजी की घटना की सूचना देना एक जिम्मेदार पत्रकार को भारी पड़ गया था। सूचना देने पर , मदद करने के बजाय पूर्व थाना प्रभारी संतोष दूधी ने ही पत्रकार को NSA लगाने और मकान तोड़ने की धमकी दे डाली थी। इस पूरे मामले में अब माननीय न्यायालय ने बड़ा आदेश पारित किया है।

क्या था पूरा मामला —

घटना 1 साल पूर्व 3 जून 2025, मंगलवार की रात लगभग 8:15 बजे की है। धामनोद थाना क्षेत्र के नए गणेश घाट, जो 9 किलोमीटर का नया मार्ग है और धार तथा खरगोन दो जिलों को जोड़ता है, पर अचानक अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा, कई वाहनों पर एक साथ जमकर पत्थर बरसाए गए थे।

पत्थरबाजी से कई वाहनों के शीशे चकनाचूर हो गए थे, यातायात ठप हो गया था, भय का माहौल बन गया था। लोग इधर-उधर भागने लगे थे, परिवार दहशत में था और बच्चे रोने लगे थे। कोई बड़ी जनहानि हो सकती थी।

इस गंभीर स्थिति की सूचना तत्परता से वरिष्ठ पत्रकार और धामनोद समाचार के प्रधान संपादक विजय सिंघल द्वारा काकड़दा चौकी, महेश्वर थाना प्रभारी और धामनोद थाना प्रभारी संतोष दूधी को दी गई थी। लेकिन दुर्भाग्य की पराकाष्ठा देखिए कि सूचना देने के बावजूद पूर्व थाना प्रभारी संतोष दूधी ने न तो इसे गंभीरता से लिया, न ही समय पर मौके पर पहुंचे और न ही कोई उचित पुलिस बल भेजा।

जब मीडिया ने घटनास्थल की तस्वीरें और वीडियो, धार एसपी मनोज कुमार सिंह तक पहुंचाई, तब जाकर प्रशासन की नींद टूटी और आला अधिकारी हरकत में आए थे। इसके बाद धामनोद के पूर्व थाना प्रभारी संतोष दूधी को मौके पर पहुंचने का आदेश दिया गया।

आरोप है कि जो पत्रकार अपनी ड्यूटी निभा रहा था, जिसने बड़ी अनहोनी को रोकने की कोशिश की थी, पुलिस प्रशासन को अलर्ट किया था, उसी पत्रकार विजय सिंघल को पूर्व थाना प्रभारी संतोष दूधी ने खुलेआम फोन पर धमकाया। इसके बाद, पूर्व थाना प्रभारी संतोष दूधी से घटना के संबंध में वरिष्ठ पत्रकार विजय सिंघल की हुई बात की तीन ऑडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर बुधवार सुबह वायरल हुई थी।

पत्रकारों में आक्रोश, दिया गया था ज्ञापन —

उक्त मामले को लेकर पूरे जिले में पत्रकारों में आक्रोश फैल गया था। 5 जून को दोपहर 12:00 बजे जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष छोटू शास्त्री के नेतृत्व में, जिले के पत्रकारों ने, धामनोद एसडीओपी कार्यालय पहुंचकर , पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना के नाम ज्ञापन सौंपा था और धामनोद के पूर्व थाना प्रभारी संतोष दूधी पर उचित कार्रवाई की मांग की थी।

वरिष्ठ पत्रकार विजय सिंघल ने चेतावनी दी थी कि, अगर ज्ञापन पर जल्द ही उचित कार्रवाई नहीं होती है तो पूरे जिले के पत्रकार संघ के साथ धार में धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

दो जिलों की सीमा पर स्थित ढाल पलाशमाल से गुजरी तक, एबी रोड पर, धार जिले के धामनोद थाना एवं खरगोन जिले की काकड़दा चौकी की सीमाएं बार-बार परिवर्तित होती हैं, ऐसे में जिम्मेदारों को घटना की जानकारी देना ही गुनाह बन गया था।

बताया जाता है कि , धार एडिशनल एसपी विजय डावर ने धामनोद थाने में दोनों पक्षों में सुलह भी कराई थी। इसके बावजूद 9 जून को पूर्व TI संतोष दूधी ने, रोजनामचे में विजय सिंघल पर गंभीर अनर्गल आरोप दर्ज कर दिए थे। इसी से क्षुब्ध होकर सिंघल ने न्यायालय में परिवाद दायर किया था।

अब न्यायालय का बड़ा आदेश —

धामनोद समाचार के प्रधान संपादक विजय सिंघल द्वारा, माननीय न्यायालय धरमपुरी के समक्ष न्यायिक मजिस्ट्रेट विवेक जैन के न्यायालय में, परिवाद पत्र 182/2025 प्रस्तुत किया गया था। जिसमें शिकायत की गई थी कि, पूर्व थाना प्रभारी संतोष दूधी के द्वारा घर तोड़ने तथा NSA लगाने की धमकी दी गई।

इस मामले में उच्च न्यायालय अधिवक्ता प्रदीप दुबे, इंदौर की दमदार पैरवी से प्रभावित होकर तथा तथ्यों को सही रखने पर, माननीय न्यायालय धरमपुरी के न्यायप्रिय न्यायाधीश विवेक जैन साहब ने, आज दिनांक 16.09.2026 को आदेश पारित किया है। माननीय न्यायालय द्वारा, विचारण के उपरांत, आदेश दिया गया कि,पूर्व थाना प्रभारी संतोष दूधी के विरुद्ध 506 IPC वर्तमान न्याय संहिता की धारा 351(3) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर, माननीय न्यायालय के समक्ष अभियोजन चलाया जाए।

क्या कहना है इनका —

2025 को गणपति घाट पर पथराव की घटना हुई थी जिस पर धामनोद के पत्रकार विजय सिंघल द्वारा ,जानकारी, तत्कालीन थाना प्रभारी संतोष दूधी एवं अन्य थाना प्रभारी व चौकी प्रभारी को दी गई थी। जिसके फोटो और वीडियो भी प्रभारीयो को भेजे गए थे। काकड़दा चौकी के समीप चक्का जाम की स्थिति निर्मित हुई थी। किंतु संतोष दूधी द्वारा, वरिष्ठ पत्रकार को धमकाया गया कि, आप गलत खबर चला रहे हैं। इस प्रकार की कोई घटना घटित नहीं हुई है। NSA लगाने और मकान तोड़ने की धमकी दी गई, जिसको लेकर पूरे जिले भर में मीडिया में आक्रोश रहा। मीडिया के द्वारा आवेदन दिए गए। माननीय न्यायालय में विजय सिंघल द्वारा परिवारवाद लगाया गया, आज माननीय न्यायालय द्वारा धरमपुरी न्यायाधीश विवेक जैन द्वारा, पत्रकार विजय सिंघल के पक्ष में, तत्कालीन थाना प्रभारी संतोष दूधी के खिलाफ एक आदेश पारित किया गया है। न्यायालय के इस निर्णय का हम स्वागत करते हैं।

माननीय न्यायालय धरमपुरी के समक्ष न्यायिक मजिस्ट्रेट विवेक जैन के न्यायालय में, धामनोद समाचार के पत्रकार प्रधान संपादक विजय सिंघल द्वारा परिवाद पत्र प्रस्तुत किया गया था 182/2025 जिसमें विजय सिंघल द्वारा शिकायत की गई कि, पूर्व थाना प्रभारी संतोष दूधी के द्वारा, घर तोड़ने तथा एनएसए लगाने की धमकी दी गई, जिस पर माननीय न्यायालय द्वारा विचारण के उपरांत, आज दिनांक 16.09.2026 को आदेश पारित करते हुए आदेश दिया कि, थाना प्रभारी संतोष दूधी के विरुद्ध 506 IPC वर्तमान न्याय संहिता की धारा 351(3) के अंतर्गत, प्रकरण दर्ज कर, माननीय न्यायालय के समक्ष अभियोजन चलाया जाए। प्रदीप दुबे, उच्च न्यायालय अधिवक्ता, इंदौर।

संपादक- श्री कमल गिरी गोस्वामी

error: MADHYABHARAT LIVE Content is protected !!