भोपाल। पुलिस विभाग जिलों के भीतर आरक्षक से लेकर उप निरीक्षक तक के स्थानांतरण एक से पांच जून के बीच करेगा। पुलिस मुख्यालय ने इसमें बड़ी शर्त यह लगा दी है कि किसी एक थाने में एक कर्मचारी को सामान्यतः चार और अधिकतम पांच वर्ष से अधिक अवधि के लिए पदस्थ नहीं किया जाएगा।
मतलब यह कि इससे अधिक अवधि वाले पुलिसकर्मियों को दूसरी जगह पदस्थ किया जाएगा। दूसरा यह कि यह अवधि पूरी कर चुके पुलिसकर्मियों को दोबारा उसी पद पर उसी थाने में पदस्थ नहीं किया जाएगा। इतना ही नहीं पदोन्नति के बाद भी उसी थाने में पदस्थापना के लिए तीन वर्ष का अंतराल आवश्यक है।
एक ही अनुविभाग में 10 साल से ज्यादा रहने पर रोक
डीजीपी कैलाश मकवाणा ने शुक्रवार को इस संबंध में भोपाल, इंदौर के पुलिस आयुक्त और सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को आदेश जारी किया है। एक अन्य शर्त यह है कि आरक्षक से लेकर उपनिरीक्षक तक किसी भी कर्मचारी की एक ही अनुविभाग में विभिन्न पदों पर कुल पदस्थापना अवधि 10 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसमें अटैचमेंट की अवधि को भी शामिल किया गया है।
15 जून के पहले करनी होगी अनिवार्य जॉइनिंग
आदेश में कहा गया है कि स्थानांतरित किए गए पुलिसकर्मियों को 15 जून के पहले संबंधित जिले में ज्वॉइन करना होगा। ज्वॉइनिंग की रिपोर्ट जिलों द्वारा पुलिस मुख्यालय को भेजनी होगी। दरअसल, पिछले तबादलों में ज्वॉइनिंग के बाद भी रिलीव नहीं किए जाने के मामले सामने आने के बाद इस पर सख्ती की गई है।

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