दो आयशर ट्रकों से 43 भैंसें क्रूरतापूर्वक ले जाते 5 आरोपी गिरफ्तार।
धार। जिला पुलिस कप्तान के निर्देशन में थाना कोतवाली धार को पशु क्रूरता के मामले में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। मांडव रोड स्थित तुर्क बगड़ी फाटा पर मुखबिर और जागरूक नागरिकों की सजगता से अवैध रूप से परिवहन की जा रही 43 भैंसों को क्रूरता के चंगुल से मुक्त कराया गया है। पुलिस ने इस मामले में दो अलग-अलग आयशर वाहनों को जब्त कर 5 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
क्या है पूरा मामला —
घटना मंगलवार, 26 मई की शाम करीब 05:30 बजे की है। फरियादी विश्वास शर्मा (पिता राजेश शर्मा, उम्र 18 वर्ष, निवासी जानकीनगर, धार) और उनके साथियों को सूचना मिली थी कि मांडव रोड की तरफ से दो आयशर ट्रकों में मवेशियों को बेहद अमानवीय तरीके से भरकर ले जाया जा रहा है। विश्वास और उनके साथियों ने तत्परता दिखाते हुए तुर्क बगड़ी फाटा पर दोनों संदिग्ध वाहनों को घेराबंदी कर रोका। जब ट्रकों के अंदर का नजारा देखा गया, तो हर कोई दंग रह गया। दोनों वाहनों में भैंसों को ठूस-ठूस कर और बेरहमी से बांधकर रखा गया था। सजग नागरिकों ने तुरंत दोनों वाहनों को जब्त कर थाना कोतवाली धार लाकर पुलिस के हवाले किया।
जब्त वाहन और मुक्त कराए गए मवेशी —
पुलिस द्वारा की गई गिनती और जांच में सामने आया कि आरोपीगण दो अलग-अलग ट्रकों में कुल 43 भैंसों की तस्करी कर रहे थे:
- वाहन क्रमांक MH 18 BG 6728: इस आयशर ट्रक में कुल 19 भैंसें क्रूरतापूर्वक भरी हुई थीं।
- वाहन क्रमांक MP 41 AU 6178: इस दूसरे आयशर ट्रक में कुल 24 भैंसें ठूस-ठूस कर बांधी गई थीं।
पकड़े गए आरोपियों की कुंडली —
पुलिस ने मौके से जिन पांच आरोपियों को दबोचा है, उनमें शाहदाद पिता आबिद खांन (उम्र 27 वर्ष, निवासी मराजखेडी, बलखड, तह. कसरावद, जिला खरगोन), मंजुर पिता मंसुर मेवाती खांन (उम्र 40 वर्ष, निवासी बलखड, तह. कसरावद, जिला खरगोन), वसीम पिता मोसीन खांन (उम्र 45 वर्ष, निवासी सारंगपुर, जिला राजगढ), हबीज पिता अजीत शेख (उम्र 55 वर्ष, निवासी खजराना, इन्दौर) और रहीश पिता मनी शेख (उम्र 48 वर्ष, निवासी जिला देवास) शामिल हैं। पुलिस इन सभी से कड़ी पूछताछ कर रही है।
पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज
कोतवाली पुलिस के मुताबिक, फरियादी विश्वास शर्मा की शिकायत पर पांचों आरोपियों के खिलाफ पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(1)(घ) के तहत अवैध परिवहन और क्रूरता का अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है। पुलिस ने मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर भेजकर मामले को विवेचना में ले लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन भैंसों को इतनी क्रूरता से कहां ले जाया जा रहा था और इस रैकेट के तार कहां-कहां जुड़े हैं।


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