madhyabharatlive

Sach Ke Sath

भाजपा का टिकट कांग्रेस का प्रत्याशी तय करेगा!

एक अनार सौ बीमार जैसी हालत धार विधानसभा की!

भाजपा व कांग्रेस के उम्मीदवारों में कश्मकश।

धार। जिले में पीथमपुर के अलावा सात विधानसभा सीटें है जिसमे सात सीटों में से दो पर आज भी कांग्रेस व भाजपा के नेताओं के नाम को लेकर पेंच फसा हुआ है।

वहीं भाजपा ने सात में से चार सीटों पर उम्मीदवारो की लिस्ट जारी कर दी है सिर्फ तीन सीटों में नाम को देरी की जा रही है।

पिछली बार विधानसभा चुनाव के आंकड़े देखे जाए तो धार जिले में कांग्रेस ने 6 सीटों पर विजयश्री हासिल की थी, उन्हीं सीटों में विजय उम्मीदवारों को पुनः रिपीट किया गया।

जिनमे पूर्व मंत्री कुक्षी से सुरेन्द्र सिंह हनी बघेल, गंधवानी से उमंग सिंगार व वर्तमान सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल एवं मनावर से जयश के नेता डॉ हीरालाल अलावा का नाम की घोषणा कर दी गई।

वहीं बात अगर बदनावर की जाए तो बदनावर विधानसभा सीट पर भाजपा से बागी बने ओर कांग्रेस में आए भंवर सिंह शेखावत जो कि पूर्व में भाजपा से विधायक रह चुके हैं उनका नाम भी लगभग फायनल हैं।

हमेशा की तरह इस बार भी कांग्रेस को गुडबाजी का सामना कर पढ़ना पड़ सकता है। जिसमें धार विधानसभा सीट पर एक अनार 100 बीमार जैसी कहावत चरितार्थ होती नजर आ रही है। यहां पर इस बार भी बालमुकुंद सिंह गौतम खेमे से विधायक प्रतिनिधि के रूप में मनोज सिंह गौतम का नाम जन चर्चाओं में चल रहा है। वही पूर्व विधायक एवं कांग्रेस के कद्दावर नेता स्वर्गीय मोहन सिंह जी बुंदेला के सुपुत्र भी अपने दमखम लगाकर टिकट को अपने नाम करवाने में लगे हुए हैं। उन्होंने सरदारपुर में कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी की सभा में भी अपना दम खम लगाया था। उसके पीछे यही देखा जा रहा है कि वह धार से अपना टिकट फाइनल करवाना चाहते हैं।

दोनों पार्टियों को दो विधानसभा सीटों पर ही मंथन करना बाकी है। जिनमें प्रमुख रूप से धार विधानसभा सीट से कुलदीप सिंह बुंदेला व मनोज सिंह गौतम के बीच कड़ा मुकाबला चल रहा है। दोनों एकदूसरे के कट्टर विरोधी माने जाते हैं। इन दोनों उम्मीदवार की सांसे रुक गई है और धडकने बढ़ी हुई है। इन दोनों की आपसी खींचतान एवं गुटबाज़ी के चलते प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष तीसरे विकल्प के रूप में मास्टर प्लान के जनक, रेल के मास्टर प्लानर एवं सद्भावना के सिपाही कोरोनावारियर डॉ दीपक नाहर जो जनता में लोकप्रिय, अनुभवी, योग्य, साफ स्वच्छ छवि वाले निर्गुट नेता के नाम पर भी विचार कर सकते हैं।

भाजपा का टिकिट कांग्रेस का प्रत्याशी तय करेगा!

यदि इधर भाभी आई तो उधर “मनोज” नहीं तो उधर वो जिसके नाम में होगा “दीप”

इंतजार दिग्गी कर रहे है वर्मा के इशारे का।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर धार में पूर्व विधायक नीना वर्मा का नाम इस बार फिर विधानसभा चुनाव के लिए घोषित होता है तो कांग्रेस से मनोज सिंह गौतम का नाम फाइनल माना जाएगा। नहीं तो फिर नए विकल्प के रूप में नए चेहरों को अवसर देने का प्रयास जारी रहेगा।

संपादक- कमलगिरी गोस्वामी

Spread the love