वीडियो वायरल होने पर रिंगनोद छात्रावास पहुंचे विधायक ग्रेवाल।
छात्रों ने सुनाई बदहाली की पूरी कहानी, मौके पर बनवाया पंचनामा।
सरदारपुर/धार। सीनियर बालक छात्रावास रिंगनोद में विद्यार्थियों को परोसे जाने वाले भोजन में कीड़े निकलने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला सामने आने के बाद सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल मंगलवार शाम अचानक छात्रावास पहुंचे और मौके पर छात्रावास की व्यवस्थाओं की हकीकत जानी।
विधायक ग्रेवाल के औचक निरीक्षण के दौरान छात्रों ने बताया कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। भोजन में कीड़े निकलने के साथ ही कई बार अधपकी अथवा जली हुई रोटियां परोसे जाने की शिकायत भी छात्रों ने की। छात्रों ने विधायक को बताया कि छात्रावास परिसर में नियमित साफ-सफाई का भी अभाव है। गंदगी के कारण विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
छात्रों ने बताया कि छात्रावास में कई पंखे खराब पड़े हैं। वहीं, मच्छरों के भारी प्रकोप के बावजूद विद्यार्थियों को पर्याप्त मच्छरदानियां एवं कंबल जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने की शिकायत भी की गई।
सबसे गंभीर आरोप उस समय सामने आया, जब विद्यार्थियों ने उन्हें मिलने वाली राशि को लेकर शिकायत की। छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें मिलने वाली 720 रुपये की राशि अधीक्षक द्वारा ले ली जाती है। यदि छात्रों द्वारा लगाए गए ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह केवल छात्रावास की लापरवाही का मामला नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के अधिकारों और शासन द्वारा निर्धारित व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
विधायक प्रताप ग्रेवाल ने अधिकारियों से सवाल किया कि जब विभागीय अधिकारी नियमित रूप से छात्रावासों के निरीक्षण का दावा करते हैं, तो फिर भोजन में कीड़े, खराब भोजन, गंदगी, खराब पंखे और मच्छरों जैसी समस्याएं अधिकारियों को क्यों दिखाई नहीं दीं।
विधायक प्रताप ग्रेवाल ने छात्रावास की स्थिति पर कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार आदिवासी एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए छात्रावासों के संचालन, भोजन और सुविधाओं के नाम पर हर वर्ष करोड़ों रुपये का बजट खर्च करती है। लेकिन रिंगनोद के छात्रावास की स्थिति देखकर ऐसा लगता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ कागजों में ज्यादा और जमीन पर कम दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि बच्चे सरकार की जिम्मेदारी हैं। उनके भोजन की गुणवत्ता, स्वास्थ्य, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। आदिवासी विद्यार्थियों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ हुआ है तो इसकी जवाबदेही तय होना चाहिए।
विधायक ग्रेवाल ने मामले को केवल मौखिक शिकायत तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने बीईओ विष्णु रघुवंशी, सरपंच प्रतिनिधि प्रकाश मौर्य, हल्का पटवारी, पत्रकारों एवं ग्रामीणों की मौजूदगी में छात्रावास की अव्यवस्थाओं एवं विद्यार्थियों द्वारा बताई गई समस्याओं का मौके पर ही पंचनामा तैयार करवाया।
पंचनामा तैयार कर संबंधित वरिष्ठ कार्यालय को भेजने की बात कही गई है, ताकि मामले की जांच हो सके और जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सके। विधायक ने मौके से ही सहायक आयुक्त, धार को पूरे मामले से अवगत कराया तथा विद्यार्थियों से दूरभाष पर चर्चा भी करवाई।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि छात्रावास की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार किया जाए और विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हो।

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