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Home » मध्यप्रदेश » खरमोर अभ्यारण में भ्रष्टाचार की आशंका, उठती निष्पक्ष जांच की मांग

राजगढ़ के युवा एवं सामाजिक कार्यकर्ता अक्षय भण्डारी ने खरमोर अभ्यारण में भ्रष्टाचार की आंशका जताई, राज्यपाल से निष्पक्ष जांच की मांग। 

सरदारपुर/धार। जिले की सरदारपुर तहसील के राजगढ़ क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है जहां के युवा सामाजिक कार्यकर्ता अक्षय भण्डारी ने खरमोर अभ्यारणय में वन विभाग पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने राज्यपाल के समक्ष ईमेल के माध्यम से इस मुद्दे को उठाया है। यह वर्ष 21-22 जब पब्लिसिटी व जागरूकता के लिए 50 हज़ार आवंटित हुए थे। क्योंकि जागरूकता होती धरातल पर तो खरमोर पक्षी पर फैले भ्रम को दूर करने में मदद मिलती।

अक्षय भण्डारी ने अभ्यारणय के कारण अधिसूचित 14 गांवों को अभ्यारणय से बाहर करने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि इस अभ्यारण के चलते इन गांवों में निजी भूमि की रजिस्ट्री और नामांतरण पर प्रतिबंध है, जिसके कारण कई परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं।

यह ज्ञात हो कि वर्ष 2021 में विधानसभा में विधायक प्रताप ग्रेवाल, पूर्व विधायक हर्ष सिंह गेहलोत, और कुणाल चौधरी ने भी खरमोर को विदेशी बताते हुए इस पर सवाल उठाए थे। इसके बावजूद, आज भी इस मामले में भ्रांतियां बनी हुई हैं।

खरमोर अभ्यारणय की स्थापना 4 जून 1983 को की गई थी और अब इसे 41 वर्ष होने जा रहे हैं। इसके तहत अधिसूचित गांवों में विकास कार्य और निजी भूमि के संबंध में कई प्रकार की रुकावटें पैदा हो रही हैं।

अक्षय भण्डारी की इस मांग ने स्थानीय लोगों में एक नई उम्मीद जगाई है कि शायद उनके गांवों को इन प्रतिबंधों से मुक्ति मिलेगी और विकास की नई राहें खुलेंगी। अब देखना यह है कि राज्यपाल और संबंधित विभाग इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।

संपादक- श्री कमल गिरी गोस्वामी

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