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Home » मध्यप्रदेश » तीन थानों में अपहरण के केस: बहला-फुसलाकर साथ लेजाकर किया दुष्कर्म

जिले में नाबालिग बेटियां निशाने पर, शादी का झांसा देकर ज्यादती, बाघ, राजोद और राजगढ़ से 3 किशोरियां लापता।

धार। सुनील यादव- जिले में नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बीते 24 घंटों के भीतर जिले के अलग-अलग थानों में चार बड़े मामले दर्ज हुए हैं। बदनावर में एक युवक ने नाबालिग को शादी का झांसा देकर अपनी हवस का शिकार बनाया, वहीं जिले के तीन अन्य थाना क्षेत्रों (बाग, राजोद और राजगढ़) से तीन नाबालिग किशोरियों के अपहरण के मामले सामने आए हैं। पुलिस ने सभी मामलों में बीएनएस (BNS) और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बाइक पर ले गया बड़नगर, कमरे में किया दुष्कर्म

बदनावर थाना क्षेत्र के ग्राम ढोकलियापाडा में एक 20 वर्षीय युवक की घिनौनी करतूत सामने आई है। आरोपी रोहित पिता मनोहर निनामा निवासी इन्द्रागार्डन, नाबालिग पीड़िता को शादी का झांसा देकर अपनी बाइक पर बैठाकर बड़नगर ले गया। वहां एक सुनसान कमरे में आरोपी ने नाबालिग के साथ जबरदस्ती करते हुए तीन बार शारीरिक संबंध बनाए। वारदात के बाद आरोपी उसे वापस घर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 64(1), 96, 64(2)(m) बीएनएस सहित पॉक्सो एक्ट की कड़ी धाराओं में केस दर्ज किया है।

तीन थानों में अपहरण के केस: बहला-फुसलाकर ले गए अज्ञात बदमाश

जिले के तीन अलग-अलग गांवों से नाबालिगों के गायब होने की खबरों ने पालकों की चिंता बढ़ा दी है।

बाग थाना क्षेत्र के ग्राम बिरलई से एक 17 वर्षीय किशोरी 26 अप्रैल से लापता है, जिसकी काफी तलाश के बाद परिजनों ने अब थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

राजोद थाना क्षेत्र के ग्राम कालीखमाड में 6 मई की रात एक 16 वर्षीय किशोरी अचानक घर से गायब हो गई; परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के गांवों में खोजने के बाद अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट लिखवाई है।

राजगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम झिनटोडी में 8 मई की शाम करीब 7 से 9 बजे के बीच एक 17 वर्षीय किशोरी को कोई अज्ञात बदमाश बहला-फुसलाकर भगा ले गया।

देरी से दर्ज हो रहे मामले, तलाश में बीत रहा समय

इन मामलों में एक बात सामान्य नजर आई कि परिजन पहले अपने स्तर पर रिश्तेदारों और आसपास के गांवों में बेटियों की तलाश करते हैं। सफलता न मिलने पर पुलिस की शरण ले रहे हैं। बाग और राजोद के मामलों में एफआईआर देरी से होने का मुख्य कारण यही ‘निजी तलाश’ रहा। पुलिस ने तीनों ही मामलों में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 137(2) बीएनएस (अपहरण) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।

“सभी मामलों में टीमें गठित कर दी गई हैं। वहीं लापता नाबालिगों की लोकेशन ट्रेस करने के लिए तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली जा रही है। जल्द ही किशोरियों को दस्तयाब कर लिया जाएगा।” — विश्वदीप सिंह परिहार- अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सरदारपुर, जिला धार।

अपील: अपने बच्चों से संवाद बनाए रखें और कोइ भी संदिग्ध व्यक्ति दिखे तो उसकी सूचना तुरंत नजदीकी थाने में दें।

संपादक- श्री कमल गिरी गोस्वामी

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