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मानसी मोबाइल की मालकिन को लगाया 44 लाख रुपए का चूना, दुकान खाली कर मुनीम फरार।

धार। विश्वास जब धोखे में बदल जाए, तो पैरों तले जमीन खिसकना लाजिमी है। धार जिले के कुक्षी थाना क्षेत्र से एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक भरोसेमंद कर्मचारी ने अपने ही मालिक की पीठ में ऐसा छुरा घोंपा कि हर कोई दंग रह गया। अनाज मंडी गेट के पास स्थित ‘मानसी मोबाइल दुकान’ में काम करने वाले एक मुनीम/कर्मचारी ने करीब साढ़े तीन साल के दौरान अपनी ही मालकिन को 44 लाख रुपये से अधिक का चूना लगा दिया और रफूचक्कर हो गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5) के तहत गंभीर मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

मानसी मोबाइल में हुआ ‘महा-घोटाला’

कुक्षी के वार्ड नंबर 13-14 की रहने वाली शकुंतला गुप्ता पति सुरेशचंद्र गुप्ता ‘मानसी मोबाइल दुकान’ चलाती हैं। दुकान के कामकाज और लेन-देन को संभालने के लिए उन्होंने ग्राम निसरपुर (नई बसाहट) के रहने वाले गिरीश पिता कृष्णकांत जोशी पर आंख बंद करके भरोसा किया था। लेकिन गिरीश के इरादे कुछ और ही थे।

शकुंतला गुप्ता (फरियादी) ने पुलिस को बताया: “गिरीश हमारी दुकान पर व्यापारिक तौर पर काम करता था। उसने हमारे आपसी विश्वास का फायदा उठाया और धोखे से मेरे खाते से कुल 44,40,017 रुपये (चवालीस लाख चालिस हजार सत्रह रुपये) अनाधिकृत रूप से अपने निजी खाते में ट्रांसफर कर लिए।”

ठगी का ‘मास्टरप्लान’: ऐसे लगाया 44 लाख का चूना

आरोपी गिरीश सिर्फ मालिक के बैंक खाते पर ही नहीं रुका, बल्कि उसने ठगी का एक पूरा जाल बुन रखा था:

  • उधारी की रकम अपनी जेब में: जिन ग्राहकों को दुकान से उधार में मोबाइल या अन्य सामान दिया गया था, गिरीश ने उन ग्राहकों से वसूली की राशि दुकान के खाते में डालने के बजाय अपने निजी अकाउंट में ट्रांसफर करवा ली और कई से नकद वसूल कर खुद हजम कर गया।
  • CC लिमिट भी साफ कर दी: आरोपी ने शकुंतला गुप्ता के व्यापारिक खाते की सीसी (Cash Credit) लिमिट की राशि भी चुपके से निकाल ली।
  • बाजार के व्यापारियों को भी ठगा: दुकान की तरफ से जिन थोक व्यापारियों को उधारी चुकानी थी, आरोपी ने उन्हें भी पैसे नहीं दिए और वो सारे पैसे खुद डकार गया।

जब इस पूरे महा-घोटाले का भंडाफोड़ हुआ, तो आरोपी गिरीश सारी रकम समेटकर मौके से भाग निकला।

साढ़े 3 साल तक चलता रहा खेल, जांच के बाद FIR दर्ज

यह पूरा मामला 01 अप्रैल 2022 से लेकर 30 अक्टूबर 2025 के बीच का है। करीब साढ़े तीन साल तक आरोपी इस हेराफेरी को अंजाम देता रहा। पीड़िता शकुंतला गुप्ता को जब इस धोखाधड़ी की भनक लगी, तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुक्षी पुलिस ने पहले शिकायती आवेदन पत्र की बारीकी से जांच की। बैंक स्टेटमेंट्स और लेन-देन के रिकॉर्ड खंगालने के बाद, 29 मई 2026 की शाम 04:23 बजे आरोपी गिरीश जोशी के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज की गई।

पुलिस की कार्रवाई

कुक्षी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विश्वासघात और धोखाधड़ी (BNS की धारा 316(5)) का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस की एक टीम आरोपी गिरीश जोशी की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

संपादक- श्री कमल गिरी गोस्वामी

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