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Home » मध्यप्रदेश » फिर हुआ शराब ठेकेदारों की मनमानी का सिलसिला शुरू

धार। गौरतलब है कि धार जिला आदिवासी बाहुल्य जिला होने के कारण यहां पर शराब की बिक्री मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा होती है। साथ ही धार जिला क्षेत्रफल के हिसाब से काफी बड़ा है। यहां पर आदिवासी बाहुल्य जिला होने के कारण शराब की बिक्री बड़ी मात्रा में होती है।

हर वर्ष की तरह ईस वर्ष भी शराब ठेकेदार के द्वारा सरकारी नीलामी में शराब ठेके की विधिवत प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद 1 अप्रैल 2025 से नए शराब ठेके चालू कर दिए गए।

आपको बता दे कि पिछले वर्ष भी शराब ठेकेदारों की मनमानी के चलते मीडिया की सुर्खियों में बना हुआ था। धार आबकारी विभाग की लापरवाही व शुस्त रवैये से शराब ठेकेदारों की मनमानी चरम पर हैं।

इस बार भी शराब ठेकेदार द्वारा अधिकतम खुदरा मूल्य के बावजूद कई गुना ज्यादा दाम पर शराब बेची जा रही है। यह कानून जुर्म है। शराब ठेकेदारों के गुर्गो का कहना है कि शराब के मूल्य में वृद्धि हो गई है तो यह लोग पुरानी शराब बोतल क्यों बेच रहे हैं, पुरानी शराब बोतलों पर जो शराब का मूल्य अंकित है उससे ज्यादा में बेचना वस्तु अधिनियम के अंतर्गत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।

ताजा उदाहरण में पिछले वर्ष अधिक मूल्य पर शराब बेचने पर धार जिले की चार शराब दुकानों को एक दिन के लिए निलंबित कर दिया गया था। साथ ही 10- 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया था। क्या इस बार भी मीडिया की सुर्खियों में आने के बाद आबकारी विभाग इसी प्रकार की कार्रवाई करेगा या फिर राजनीतिक रशुखो के चलते शराब ठेकेदारों की मनमानी ऐसे ही चलती रहेगी।

देखिए राकेश शितोले के साथ अगले एडिशन में विस्तृत खबर। 

संपादक- श्री कमल गिरी गोस्वामी

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