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कॉर्पोरेट जासूसी! ‘हैटिच इंडिया’ कंपनी का सीक्रेट डेटा लीक करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल से चुराए थे गोपनीय दस्तावेज।

धार। औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर से कॉर्पोरेट जगत को हिला देने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। पीथमपुर सेक्टर 5 स्थित जानी-मानी कंपनी ‘हैटिच इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ का बेहद गोपनीय तकनीकी डेटा और लैब के सीक्रेट दस्तावेज चोरी हो गए हैं। इस हाई-टेक चोरी को किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि कंपनी में ही काम करने वाले दो कर्मचारियों ने अंजाम दिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मोबाइल से खींचे फोटो, वॉट्सऐप पर किया ‘सौदा’

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना सेक्टर 5 स्थित हैटिच कंपनी की क्वालिटी एरिया बिल्डिंग-02 की है। कंपनी के ही दो कर्मचारी— अश्वनी (निवासी: राउ, इंदौर) और मनजीत सिंह परमार (निवासी: हाउसिंग कॉलोनी, इंडोरामा पीथमपुर) ने मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया। दोनों आरोपियों ने कंपनी के ‘क्वालिटी लैब’ में घुसकर वहां मौजूद बेहद संवेदनशील और गोपनीय तकनीकी डेटा व दस्तावेजों के अपने मोबाइल फोन से चुपके-चुपके फोटो खींचे। इसके बाद, इस सीक्रेट डेटा को अवैध रूप से वॉट्सऐप के जरिए कुछ अनाधिकृत बाहरी व्यक्तियों को भेज दिया।

इस बड़ी डेटा चोरी का खुलासा होने के बाद कंपनी में हड़कंप मच गया। कंपनी के प्रतिनिधि विशाल कुमार (उम्र 39 वर्ष, निवासी: महू-नीमच रोड, पीथमपुर) ने तुरंत मामले की कमान संभाली और थाने पहुंचकर दोनों धोखेबाज कर्मचारियों के खिलाफ मोर्चा खोला।

केस डायरी: एक नज़र में

  • घटना की तारीख व समय: 5 मई 2026, सुबह 10:53 बजे

  • केस दर्ज होने की तारीख: 17 जून 2026, शाम 05:18 बजे

  • देरी का कारण: फरियादी द्वारा आंतरिक जांच के बाद कल थाने आकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

आईटी एक्ट सहित इन गंभीर धाराओं में केस दर्ज

पीथमपुर सेक्टर-1 पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी शिकंजा कसा है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की निम्नलिखित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:

  • धारा 316(2) BNS: (अमानत में खयानत/आपराधिक विश्वासघात)

  • धारा 72 और 72A (सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम – IT Act): (गोपनीयता और प्राइवेसी को भंग करना, डेटा चोरी करना)

पुलिस अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि आखिर यह गोपनीय डेटा वॉट्सऐप पर किन “अनाधिकृत व्यक्तियों” को भेजा गया था? क्या इसके पीछे किसी प्रतिद्वंदी कंपनी का हाथ है, या फिर यह किसी बड़ी कॉर्पोरेट डील का हिस्सा था? पुलिस जल्द ही आरोपियों के मोबाइल जब्त कर डिलीट किए गए डेटा और चैट्स को रिकवर करने की तैयारी में है।

संपादक- श्री कमल गिरी गोस्वामी

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