भ्रष्टाचार का बोलबाला ग्राम पंचायत नानंदखेड़ा: ग्राम पंचायत में फर्जी और धुंधले (Blurred) बिलों के जरिए भ्रष्टाचार करना गंभीर वित्तीय अपराध और सरकारी धन का गबन माना जाता है। ई-ग्राम स्वराज (e-Gram Swaraj) जैसी ऑनलाइन प्रणालियों पर जानबूझकर धुंधले या अस्पष्ट बिल अपलोड किए जाते हैं ताकि असल धांधली, बिना जीएसटी वाले फर्जी बिल, या बिना काम किए हुए भुगतान को छुपाया जा सके। यह एक दंडनीय अपराध की श्रेणी में अत है।
धार। यह गंभीर चिंता का विषय भी है: ग्राम पंचायत में धुंधले (Blurred) या फर्जी बिल अपलोड करना वित्तीय धोखाधड़ी, सरकारी धन का गबन और पारदर्शिता कानून का सीधा उल्लंघन है। ई-ग्राम स्वराज (e-Gram Swaraj) पोर्टल का मुख्य उद्देश्य ही पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता लाना है, और जानबूझकर अस्पष्ट दस्तावेज डालना इस उद्देश्य को नुकसान पहुँचाता है।
वहीं धार जिले की तिरला जनपद पंचायत के ग्राम नानंदखेड़ा में धांधली की शिकायत की गई है। शिकायत का जल्द ही निराकरण नहीं हुआ और भ्रष्टाचार करने वाले मंत्री और सरपंच पर कार्रवाई नहीं हुई तो शिकायतकर्ता जल्द ही पंचायती राज मंत्रालय को अपनी शिकायत दर्ज करवाएगा। साथ ही राज्य का एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) / लोकायुक्त: बड़े गबन के मामलों में आप राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो या लोकायुक्त कार्यालय में सबूतों (जैसे धुंधले बिल के स्क्रीनशॉट और कार्य की वास्तविक स्थिति) के साथ शिकायत की जाएगी।
दोषी पाए जाने पर संबंधित सरपंच, सचिव या रोजगार सहायक के खिलाफ रिकवरी (पैसा वसूली) और निलंबन (Suspension) जैसी दंडात्मक कार्रवाई होगी।


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