मांडव/धार। जहां एक और कप्तान जिले भर में आम जनता के बीच पुलिस का भरोसा बढ़ाने में लगे हुए हैं। अपराधीयों एवं शांति भंग करने वाले गुंडे मावलियों का लगातार कठोर कार्रवाई करते हुए जुलूस भी निकाला जा रहा है। वहीं मांडव थाना पुलिस इस मेहनत पर पानी फेरने में लगी हुई है।
आपको बता दे की मांडव थाना क्षेत्र में निवासरत एक व्यक्ति के द्वारा 40 वर्षों से रह रहे झोपड़ी नुमा मकान को तोड़कर निर्माण किया जा रहा था। तभी पड़ोसियों ने जेसीबी मशीन से उसका मकान ध्वस्त कर दिया और उसके साथ मारपीट भी की, जब मामला थाने पहुंचा पुलिस ने शुभ लाभ एवं राजनीतिक रसूख के चलते पीड़ित परिवार को वहां से भगा दिया। उस घटना के बाद पीड़ित परिवार ने जिला पुलिस कप्तान को शिकायत की थी उसके बाद भी मांडव पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
परसों 5 अगस्त को जब पीड़ित परिवार अपने मकान पर निर्माण के लिए गिट्टी डालने पहुंचा तो आरोपियों ने लट्ठ, फावड़े और धारदार हथियारों से हमला कर दिया जिसमें पीड़ित परिवार का एक लड़का घटल हुआ जिसका जिला चिकित्सालय में उपचार जारी हैं।
मांडव पुलिस की इस दोहरी नीति ने परिवार के साथ-साथ समाज में पुलिस के प्रति दुर्भावना व्यक्त कर दी है। पुलिस पर से पीड़ित परिवार का विश्वास उठ गया है। परिवार वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत के साथ न्यायालय का दरवाजा खटखटा रहा है।
हालांकि वहां पर हुए विवाद के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों पर क्रॉस कायमी दर्ज की, आपको बता दें कि पीड़ित परिवार जिनके हाथ में चोट लगी थी, उसके हाथ से खून बह रहा था। उसे करीब 6 घंटे से ज्यादा थाने पर बिठा रखा। इतना ही नहीं पहले आरोपी पक्ष की कायमी दर्ज की गई उसके मिडिया के हस्तक्षेप के उपरांत पीड़ित परिवार की कायमी देर शाम दर्ज की गई। इतना ही नहीं पुलिस ने परिवार को धमकाया भी सही और दबी जुबान में यह भी कहा कि पत्रकार के चक्कर में आकर ऐसा काम मत करो यह लोग तुम्हें जान से मार देंगे। क्या पुलिस बिक चुकी है ? जो इस प्रकार की बात कर रही।
अब देखना यह होगा कि कप्तान की छवि खराब करने वाले इस थाना कर्मचारियों के ऊपर कप्तान की गाज गिरती है या फिर यह लोग लीपा पोती करके बचने में सफल होंगे।

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