धार। माननीय हाई कोर्ट के आदेश पर धार की भोजशाला वाग्देवी मंदिर में ए एस आई के सर्वे के 13 वे दिन दिल्ली से हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की अध्यक्ष रंजना अग्निहोत्री (एडवोकेट) 3 अप्रैल से तीन दिन के लिए धार आई हुई है।
आपको बता की यही वो संस्था है जिसकी याचिका पर हाई कोर्ट ने सर्वे का आदेश दिया है। उन्होंने भोजशाला का अवलोकन किया और उसके बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि सर्वे बहुत धीमी और वैज्ञानिक प्रक्रिया है। भोजशाला में भी जो टीम काम कर रही है वो बहुत वैज्ञानिक ढंग से प्रमाण इकट्ठा कर रही है। फोटोग्राफी और विडियोग्राफी की जा रही है। अयोध्या और ज्ञानवापी में भी ऐसे सर्वे के दौरान हमारी टीम उपस्थित रही थी।

रंजना अग्निहोत्री ने सर्वे को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की और वहां मिले प्रमाणों के बारे में भी कुछ नहीं कहा। मीडिया द्वारा पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि सर्वे टीम भोजशाला के ढांचे को कोई नुकसान पहुंचाए बगैर खुली जमीन पर अपना काम बखूबी कर रही है। उन्होंने खुदाई जैसे शब्द को भी गलत बताते हुए कहा कि इसे खुदाई नहीं कहा जा सकता। ये वैज्ञानिक ढंग से किया जाने वाला काम है, जो फावड़े से नहीं होता, बल्कि मिट्टी हटाकर प्रमाण ढूंढे जाते हैं।
तीन दिन के धार प्रवास पर रहेंगी —
हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की राष्ट्रीय अध्यक्ष और भोजशाला प्रकरण की याचिकाकर्ता रंजना अग्निहोत्री 5 अप्रैल तक धार में ही रहेंगी। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के प्रदेश उपाध्यक्ष आशीष गोयल ने बताया कि धार प्रवास के दौरान वे गणमान्य नागरिकों से भी चर्चा करेगी।
गौरतलब है कि रंजना अग्निहोत्री ने ही श्री राम जन्मभूमि अयोध्या, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी और श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर मथुरा के लिए भी कानूनी लड़ाई लड़ी है। अग्निहोत्री के साथ मूल याचिकाकर्ता और अधिकृत अभिभाषक भी धार प्रवास पर रहेंगे।


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