लगातार खबरों के प्रकाशन से बोखलाएसे दोनों भाई, डॉक्टर नीरज बागडे और मेडिकल संचालक डॉक्टर का छोटा भाई।
धार। आखिर ऐसी क्या शक्ति है डॉ नीरज बागडे के पास जिस पर आज तक स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की गई।
डॉक्टर बागडे 2019 में जिला चिकित्सालय में पदस्थ हुए थे तब से जिला चिकित्सालय के मरीजों को निजी चिकित्सालय में ले जाने के मामलों में कई अखबारों की सुर्खिया बने रहे। आज भी उनके यही आलम है।
मध्यभारत लाईव न्यूज़ द्वारा लगातार खबरों के प्रकाशन के बाद डॉक्टर बागडे अपने अवैध हॉस्पिटल को वैध करने की जोड़-तोड़ में लग गए हैं। वह CMHO कार्यलय सहित कई जगह अपने हाथ पैर मार रहे हैं। अब देखना यह होगा कि क्या बागडे अपने अवैध हॉस्पिटल को वैध कर पाते हैं या अवैध पर ही अपनी दुकानदारी चलाते है।
इतना ही नहीं डॉक्टर बागडे जिस बिल्डिंग में क्लीनिक व अस्पताल संचालित कर रहे हैं, उस मकान पर मध्य प्रदेश शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत गरीब व्यक्ति को निवास के लिए आवासीय पट्टा दीया गया है, उन आवासीय मकानों को व्यवसायिक बनाकर अपना व्यवसाय कर रहे डॉक्टर बागडे पर राजस्व विभाग क्या कार्यवाही करता है? यह भी आने वाले भविष्य में आपके सामने होगा। मध्य भारत लाइव न्यूज़ सच के साथ।
गलत के खिलाफ कल भी थे, आज भी है और हमेशा रहेंगे।

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