पंचायत सचिव ने एक ही बार में खरीदे 562 पेन क्या पता किस चीज का हिसाब लिखना था।
धार। एक ही पंचायत सचिव के अंदर में आने वाले दो-दो गांव के अंदर लगातार फर्जी वाडा किया जा रहा है। पंचायत सचिव के द्वारा 50 हजार से लेकर ₹1 लाख तक के बिल लगाए जा रहे हैं। बिल के ऊपर बकायदा जीएसटी रजिस्टर्ड है। लेकिन जीएसटी कितनी कट रही है, क्या उसका मापदंड है, कोई वर्णन नहीं है। इससे साफ जाहिर होता है कि शासन को लाखों रुपए के राजस्व का चूना लगाया जा रहा है।
मंत्री सरपंच के द्वारा इस प्रकार का कृत्य करना कहीं ना कहीं शासन से राजस्व चोरी का प्रकरण भी बनता है। क्योंकि जब भी कोई बिल लगाया जाता है, उसमें जीएसटी यानी गुड्स सर्विस टैक्स दर्शाया होना बहुत ही आवश्यक होता है। अगर इस प्रकार से शासन के द्वारा प्रदाय की गई राशि के आहरण में जीएसटी की चोरी की जा रही है तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस प्रकार से ग्राम पंचायत नलावदा और नानंखेड़ा के सचिव भ्रष्टाचार कर रहे हैं।

इतना ही नहीं शिकायतों पर दलालों को लाकर रिश्तेदारी बताने का खेल भी बखूबी खेला जा रहा हैं। पंचायत सचिव द्वारा जीन दलालों को सम्मिलित किया जा रहा है, उन दलालों को वर्षों से पंचायत सचिव के द्वारा दलाली लगातार दी जा रही है। अगर पंचायत सचिव और उस दलाल का अकाउंट चेक किया जाए तो उसके खाते में कई बार हजारों रुपए का ऑनलाइन ट्रांजैक्शन दिखाई देगा।
इतना ही नहीं नलावदा पंचायत में 562 पेन उपयोग किए जाते हैं जिनके बिल ₹5 प्रति पेन की दर के हिसाब से 2810 रुपए का लगाया जाता है, बिल नंबर 229 तिरला से सौरभ कंप्यूटर एंड ग्राफिक्स का बिल है, जिसमें फर्जी तरीके से राशि का आहरण किया गया है, राशि करीब 5810 रुपए की है ₹5 का एक पेन है और 562 पेन पंचायत में उपयोग किए गए। पता नहीं पूरे गांव को लिखने के लिए पंचायत में पेन दिए गए थे।


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