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Biparjoy storm will wreak havoc in 13 districts, wind, hail and rain at a speed of 60 to 80 KM%H

Biparjoy storm will wreak havoc in 13 districts, wind, hail and rain at a speed of 60 to 80 KM%HBiparjoy storm will wreak havoc in 13 districts, wind, hail and rain at a speed of 60 to 80 KM%H

13 जिलों में बिपरजॉय तूफान बरपाएगा कहर, 60 से 80 KM%H की रफ़्तार से हवा ओले और बारिश

13 जिलों में बिपरजॉय तूफान ने बरपाया कहर, 60 – 80 किलोमीटर की रफ़्तार से हवा, ओले और बारिश।

राजस्थान। 13 जिलों में बिपरजॉय तूफान ने बरपाया कहर, 60 – 80 किलोमीटर की रफ़्तार से हवा, ओले और बारिश, 7 दिन सावधानी बरतने के निर्देश। बांसवाड़ा, बांरा, कोटा, बूंदी झालावाड़, जयपुर, प्रतापगढ़, राजसमंद, उदयपुर, बाडमेर, जोधपुर, पाली, जैसलमेर और जालोर के लिए तो अलर्ट जारी हैं।

गुजरात और आसपास के राज्यों के अलावा बिपरजॉय राजस्थान पर भी अपना कहर बरपा रहा है। राजस्थान में 15 जून से सात दिन के लिए मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इन सात दिनों में करीब चालीस फीसदी राजस्थान में लोगों को परेशानी का सामना करना पड सकता है। प्रदेश के करीब 15 जिलों में पारा तीस डिग्री से नीचे तो जाएगा ही…. साथ ही तेज हवा की रफ्तार, बारिश और ओलों का फोरकास्ट (मौसम का पूर्वानुमान) भी किया जा रहा है।

Biparjoy storm will wreak havoc in 13 districts, wind, hail and rain at a speed of 60 to 80 KM%H

मौसम विभाग के अनुसार 15 और सोलह जून को बांसवाड़ा, बांरा, कोटा, बूंदी झालावाड़, जयपुर, प्रतापगढ़, राजसमंद, उदयपुर, बाडमेर, जोधपुर, पाली, जैसलमेर और जालोर के लिए तो अलर्ट जारी कर दिया गया था। इसके अलावा जोधपुर और बीकानेर में भारी बारिश और ओले गिरने का बताया था।

तूफान के कारण चौदह जून से करीब सात दिन के लिए आंधी अंधड़ और बारिश का दौर प्रदेश के अधिकतर जिलों में रहने वाला है। यह बारिश मानूसन के दौरान होने वाली बारिश की तुलना में भी ज्यादा देर तक हो सकती है। इस बारिश के दौरान करीब पचास किलोमीटर प्रति घंटा की रफतार से आंधी ओर ओले गिर सकते हैं।

हालात परेशानी पैदा कर सकते हैं

बताया जा रहा है कि इस साल राजस्थान से होकर जितने भी तूफान गुजरे हैं, उनमें ये सबसे ज्यादा घातक रहने वाला है। पिछले एक महीने में ही प्रदेश में करीब तीस से ज्यादा लोगों की आंधी और बारिश की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। अब सात दिन का यह तूफान मौतों और नुकसान के आंकलन को बढ़ा सकता है।

प्रधान संपादक- कमलगिरी गोस्वामी

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