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Following the publication of the news, the Food Department woke up and took action against the city's chilling centers and dairies.

खबर प्रकाशन के बाद जागा खाद्य विभाग, शहर के चिलिंग सेंटर्स और डेयरियों पर कार्यवाही

मांडव लिंक रोड से तिरुपति नगर तक जांच कर दूध-मावा सहित 14 सैंपल लिए गए।

जांच के बीच प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस सिलेंडरों के उपयोग भी पाए गए।

धार। मध्यभारत लाइव न्यूज़ में 26 अक्टुबर 2026 को शीर्षक”अधिकारी की उदासीनता से मिलावटखोरों के हौसले बुलंद, आम जनता की जान से खिलवाड़, काल न उठाने का भी आरोप” से समाचार प्रकाशित हुआ था जिसका असर 27 अक्टूबर 2026 को देखने को मिला, जब खाद्य विभाग ने ताबड़तोड़ कार्यवाही प्रारंभ की।

खाद्य विभाग द्वारा आगामी त्योहारों के मद्देनजर धार शहर के नागरिकों को शुद्ध दूध, मावा और मिठाइयां उपलब्ध कराने के लिए धार शहर में कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। बाजार में मिलावटखोरी रोकने के उद्देश्य से विभाग की टीम ने धार शहर के प्रमुख इलाकों में ताबड़तोड़ निरीक्षण कर प्रतिष्ठानों की जांच की और जिले भर से कुल 14 खाद्य पदार्थों के नमूने परीक्षण के लिए जुटाए गए।

धार शहर के मांडव लिंक रोड स्थित शिवम दूध संकलन केंद्र से मिक्स मिल्क के दो नमूने लिए गए। इसके बाद टीम ने धार शहर के तिरुपति नगर स्थित श्री डेयरी का निरीक्षण कर वहां से खुला मावा, घी और पनीर के नमूने एकत्र किए। साथ ही, धार क्षेत्र से जुड़े इंदौर-अहमदाबाद हाईवे (नौगांव) स्थित अनिक मिल्क प्रोडक्ट के मिल्क चिलिंग सेंटर से गाय के दूध के दो नमूने लिए।

धार शहर में जांच के अलावा टीम ने औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर और सरदारपुर तहसील के राजोद व लाबरिया में भी रेस्टोरेंट व किराना दुकानों की जांच कर हल्दी, मिठाई, सेव और सोयाबीन तेल के नमूने लिए।

​निरीक्षण के दौरान कुल 14 नमूने एकत्रित कर जांच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजे गए हैं। धार शहर और आसपास के प्रतिष्ठान संचालकों को साफ-सफाई बनाए रखने की सख्त हिदायत दी गई।

व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर हो रहा घरेलू सिलेंडरों का उपयोग —

वहीं कार्रवाई के दौरान यह भी सामने आया कि कई दुकानों और होटलों में खुलेआम घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है, जिस पर संबंधित आपूर्ति विभाग द्वारा अब तक कोई सुध नहीं ली गई है।

​खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, भोपाल लैब से जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

अब देखना यह होगा कि त्योहार इस सीजन और त्रिनेत्र की नजर अखबार के द्वारा उठाए गए इस मुद्दे पर विभाग का यह निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा या कागजों में खाना पूर्ति करके इति श्री कर ली जाएगी।

छोटी मोटी दुकानों पर कार्रवाई बड़ी दुकानों पर मेहरबानी —

धार शहर के बड़े-बड़े प्रतिष्ठानों पर या यूं कहे कि राजनीतिक रसूक रखने वाले प्रतिष्ठानों पर विभाग की कार्रवाई आज तक शून्य है। पिछले कई ऐसे मोके आए जब उपभोक्ताओं ने शिकायत की और विभाग ने खाना पूर्ति करते हुए आज तक कोई कार्यवाही नहीं की। अब देखना यह होगा कि क्या इन बड़े प्रतिष्ठानों पर खाद्य सुरक्षा विभाग कार्रवाई करता है या फिर राजनीतिक रसूख और सिक्कों की खनक के नीचे दबकर रह जाता है।

संपादक- श्री कमल गिरी गोस्वामी

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