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Sach Ke Sath

पति पत्नी और वो, प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्‍या

सनसनीखेज मामला प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की हत्‍या करने वाली आरोपिया संगीता मीणा और प्रेमी आशीष पाण्‍डेय को हुई आजीवन कारावास की सजा।

भोपाल। विशेष  लोक अभियोजक श्रीमती सुधाविजय सिंह भदौरिया द्वारा बताया गया कि दिनांक 07/06/2024 माननीय न्‍यायालय  श्री अमिताभ मिश्र, प्रधान सत्र न्‍यायाधीश, भोपाल ने आरोपिया संगीता मीणा को अपने प्रेमी आशीष पाण्‍डेय के साथ मिलकर अपने ही पति धनराज मीणा की निर्मम हत्‍या करने के जघन्‍य अपराध के आरोप सिद्ध पाये जाने पर आरोपीगण धारा 302 भादवि मे आजीवन कारावास एवं 1000-1000 रू अर्थदण्‍ड एवं धारा 201 भादवि में 3-3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500-500 रू अर्थदण्‍ड से दण्डित करने का निर्णय पारित किया।

प्रकरण मे अभिलेख पर आई साक्ष्‍य, विशेषज्ञ साक्ष्‍य, इलेक्‍ट्रानिक  साक्ष्‍य, डीएनए रिपोर्ट पोजीटिव आने एवं विशेष लोक अभियोजक द्वारा प्रस्‍तुत लिखित तर्को से सहमत होते हुये माननीय न्‍यायालय द्वारा आरोपीगण को दोषी पाया गया।
 
घटना का संक्षिप्‍त  विवरण :-

पैरवी कर्ता विशेष  लोक अभियोजक श्रीमती भदौरिया ने बताया कि घटना संक्षेप में इस प्रकार है कि दिनांक 07.12.2021 को फरियादी/ आरोपिया संगीता मीणा पति स्व. धनराज मीणा, उम्र 38 साल, निवासी सागर गोल्डनपाम, कटारा हिल्स भोपाल ने थाने पर आकर बताया कि मेरी शादी 2006 में ग्राम होलीपुरा तहसील बुधनी जिला सिहोर के धनराज मीणा के साथ हुई है। मेरे दो बच्चे है बडा बेटा आयुष उम्र 14 वर्ष तथा बेटी सोनम उम्र 11 वर्ष की है। वर्ष 2014 से मैं अपने पति व बच्चो के साथ सागर गोल्डन पाम में रह रही हूँ मेरे पति खेती किसानी तथा एग्रीकल्चर पार्टस बेचने का काम करते है।

सन 2015 मे मेरी मुलाकात हमारे पडोसी आशीष पाण्डेय से हुई, और हमारी बात चीत होने लगी। लगभग 5 माह से मैं आशीष को पसन्द करने लगी और अपने पति के नहीं होने पर आशीष से मिलने लगी। मेरे पति जब घर पर नही रहते तब आशीष मेरे घर आ जाता था। एक दिन मेरे पति को हमारे उपर शंका हो गई तब से मेरे पति मुझसे झगड़ा करने लगे है। पति के शक करने व रोज-रोज झगडा करने के कारण में और आशीष आपस में मिल नहीं पा रहे थे इसलिए दिनांक 6.12.2021 को शाम को जब मेरे पति घर पर नहीं थे तब मैने और आशीष पाण्डेय ने मेरे पति धनराज को जान से खत्म करने का प्लान बनाया।

आशीष पाण्डेय ने मुझे बताया कि में तुम्हे नीद की गोली देता हूँ उसे अपने पति को खिला देना जब तुम्हारा पति गहरी नींद में होगा उस समय उसकी हत्या करके उसकी लाश को कही फेक आएंगे। फिर अशीष ने मुझे नीद की गोलिया दे दी, रात करीब 9.00 बजे मैने आशीष द्वारा दी गई नींद की गोलियो को अपने पति को काढे में मिला कर पिला दी, जिससे वह सो गये। दूसरे कमरे में मेरे दोनो बच्चे व मेरी छोटी बहन सोभा सो गई थी उस कमरे के दरवाजे को बाहर से बंद कर दिया था। फिर रात करीब 2.00 बजे प्लान के मुताबिक आशीष पाण्डेय एक बोरी तथा हाथ में लठ्ठ लेकर आया। मैंने घर का दरवाजा खोलकर रखा था।

आशीष ने कमरे में आकर पलंग पर सो रहे मेरे पति के सिर पर लठ्ठ मारा तो मेरा पति खडा होने की कोशिश करने लगा तो मैंने कमरे में रखी हथौड़ी से पति के सिर में मारना शुरू कर दिया। फिर आशीष ने अपने साथ लाए रस्सी से मेरे पति का गला दबा दिया। जब मेरे पति की मृत्यु हो गई तब हमने कमरे का खून चाँदर से साफ करके खून वाली चादर तकिया वगैरह बोरी में भरकर रख दी लाठी व हथौड़ी कमरे में रखी है। फिर मेरे पति की लाश को कम्बल में लपेट कर मेरे घर के नीचे खडी अशीष की स्विफ्ट डिजायर कार की डिग्गी में छिपा दी।

सुबह करीब 9.00 बजे मैं और अशीष मेरे पति की लाश को ठिकाने लगाने के लिए अशीष की कार से बाबडिया तरफ से कोलार डेम चले गये लेकिन कोलार डेम तरफ हमे मेरे पति की लाश ठिकाने लगाने की सही जगह नहीं मिल रही थी। फिर हम दोनो ने विचार किया कि एक ना एक दिन हम इस हत्या के केश मे पकड़े जाएगे तो क्यो ना आज ही पुलिस को चलकर सही बता देते है और अपनी गलती स्वीकार कर लेते हैं।

फिर मैं और आशीष मेरे पति की लाश को लेकर स्विफ्ट कार से थाना कटारा आ गये। थाने पर पुलिस स्टाफ व अन्य लोग मिले जिन्हे हमने पूरी घटना बताई मैने अपने प्रेमी अशीष के साथ मिलकर पति धनराज की हत्या की है।

आरोपिया की उक्त सूचना पर थाना कटारा हिल्स पर अपराध क्रमांक 346/2021 धारा 302, 201 भादवि का अपराध आरोपीगण संगीता मीणा एवं आशीष पान्डेय के विरुद्ध कायम कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान साक्षीगण के कथनो में संगीता मीणा ने अपने प्रेमी आशीष पांडे के साथ मिलकर धनराज मीणा को नींद की गोली खिलाकर, लाठी हथौडी से चोट पहुंचाकर व रस्सी से गला दबाकर धनराज मीणा की हत्या करने की बात बतायी, साथ ही आरोपिया के द्वारा भी अपने द्वारा दी गयी सूचना में उक्त तथ्य की पुष्टि की गयी है।

घटनास्थल के निरीक्षण के दौरान घटनास्थल पर मिले भौतिक साक्ष्य, पीएम रिपोर्ट, क्यूरी रिपोर्ट, आरोपीगण द्वारा पेश घटना में प्रयुक्त आलाजरब तथा घटना के समय पहने हुए खूनालूदा कपडे तथा कार में मिली मृतक की लाश के आधार पर आरोपिया संगीता मीणा तथा आरोपी आशीष पांडे के विरूद्ध अपराध प्रमाणित पाया गया। प्रकरण की विवेचना पूर्ण कर चालान सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की विवेचना तत्‍कालीन थाना प्रभारी थाना कटारा हिल्‍स निरीक्षक एस.के. मीणा के द्वारा की गई थी। उक्‍त प्रकरण को जघन्‍य एवं सनसनीखेज प्रकरण की श्रेणी मे रखा गया था।

प्रकरण के विचारण के दौरान प्रकरण में जप्‍तशुदा आर्टिकल के संबंध में पैरवीकर्ता विशेष लोक अभियोजक ने माननीय न्‍यायालय से दिनांक 06/12/2023 को अनुमति प्राप्‍त कर डी.एन.ए. परीक्षण कराया है, जिसकी रिपोर्ट धनात्‍मक आने पर माननीय न्‍यायाल में प्रस्‍तुत की गई थी। डी.एन.ए. रिपोर्ट के अनुसार घटना में प्रयुक्‍त हथियार डंडा एवं हथौडी, आरोपीगण द्वारा घटना के समय पहने गये कपडे एवं अन्‍य आर्टिकल की डी.एन.ए. प्राफाईल मृतक की डी.एन.ए. प्रोफाईल के समान पाई गई।

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